लुधियाना जिले में खन्ना पुलिस ने जेल से संचालित हो रहे एक बड़े ड्रग तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि समराला का रहने वाला सुनील कुमार उर्फ बची जेल के अंदर से ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर हेरोइन का पूरा गैंग चला रहा था। इस अवैध धंधे में उसकी मां घर पर बैठकर ड्रग से होने वाली कमाई (ड्रग मनी) का हिसाब-किताब संभाल रही थी। प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तारी पुलिस के अनुसार, यह ड्रग ट्रैफिकिंग नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था और विभिन्न जिलों में हेरोइन की आपूर्ति कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनील कुमार उर्फ बची को प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया। जेल में इस्तेमाल फोन बरामद पूछताछ के दौरान जेल में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया, जिसका उपयोग ड्रग आपूर्ति, पैसों के लेन-देन और गैंग के सदस्यों से संपर्क करने के लिए किया जा रहा था।इस बड़े रैकेट का खुलासा 6 जनवरी को हुआ, जब पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान तरनतारन के रहने वाले अंग्रेज सिंह और बठिंडा का जशनप्रीत सिंह को कार सहित गिरफ्तार किया। 4 किलो 215 ग्राम हेरोइन बरामद कार की तलाशी लेने पर 4 किलो 215 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इतनी बड़ी मात्रा में नशा मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू की।आगे की जांच में 9 जनवरी को समराला थाना क्षेत्र के गांव दिवाला का हर्षदीप सिंह और कूम कलां थाना क्षेत्र के गांव कटानी खुर्द, जिला लुधियाना का प्रभजोत सिंह उर्फ प्रभ को नामजद कर गिरफ्तार किया गया। कई नाम सामने आए इसके बाद हुई गहन पूछताछ में कई अन्य आरोपियों के नाम सामने आए। इनमें दोराहा का रहने वाला मनप्रीत चौधरी उर्फ भीमा, माछीवाड़ा साहिब का प्रभजोत सिंह, कटानी खुर्द का रहने वाला अनमोल सिंह उर्फ आकाश, गांव सठियाला (वर्तमान निवासी खरड़) का गुरतेज सिंह उर्फ गुरी शामिल हैं। सभी की तलाश जारी इसके साथ ही अमलोह का सनी, जगराओं का लव उर्फ कालू, कपूरथला का अर्शदीप सिंह, लुधियाना का अमरीक सिंह उर्फ विक्की मराडे, बहादुरके का कुवरवीर सिंह और गांव गेहलेवाल निवासी परमवीर सिंह उर्फ परम शामिल हैं।


