पंजाब के लुधियाना में एक निजी फाइनेंस कंपनी के लोन मैनेजर के खिलाफ नकली सोने के आभूषणों का इस्तेमाल कर गोल्ड लोन स्वीकृत करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। आरोपी विक्रम सिंह ने नकली सोना गिरवी रखकर अपने परिचितों को 2.79 लाख रुपये का लोन स्वीकृत किया। ऑडिट के दौरान धोखाधड़ी का हुआ खुलासा फाइनेंस कंपनी द्वारा फिरोज गांधी मार्केट शाखा में किए गए ऑडिट के दौरान धोखाधड़ी का पता चला। कंपनी के कलेक्शन मैनेजर शुभम द्वारा थाना डिवीजन नंबर 5 में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार ऑडिट में पता चला कि लोन के लिए गिरवी रखे गए कुछ सोने के आभूषण नकली थे। दो लोगों के नाम पर करवाया लोन कोचर मार्केट पुलिस चौकी के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर धर्मपाल ने बताया कि जांच में पता चला कि विक्रम सिंह ने जानबूझकर दो व्यक्तियों के लिए लोन स्वीकृत किया था, जिनकी पहचान ग्यासपुरा के हरगोबिंद नगर के प्रेम मसीह और साहनेवाल खुर्द के तेजसवीर प्रीत सिंह के रूप में हुई है, जबकि सोना नकली था। दोनों व्यक्ति विक्रम सिंह के सहयोगी पाए गए। विक्रम सिंह ने कंपनी के विश्वास का उल्लंघन करते हुए नकली सोने का इस्तेमाल करके इन लोन को मंजूरी देने में मदद की। सब-इंस्पेक्टर ने बताया कि ऑडिट के बाद उसने अपनी नौकरी छोड़ दी और गायब हो गया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 409 (आपराधिक विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत एफआईआर दर्ज की। कंपनी द्वारा 23 नवंबर, 2023 को शिकायत दर्ज कराने के बाद जांच शुरू की गई। आरोपी अभी फरार है।


