लुधियाना में स्कूल लैंड को रेजिडेंशियल बनाने का विवाद बढ़ा:इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के प्रस्ताव पर काउंसिल ऑफ इंजीनियर्स ने दर्ज कराया ऑब्जेक्शन

लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (LIT) की राजगुरु नगर (129 एकड़ स्कीम) में प्राइमरी स्कूल के लिए रिजर्व लैंड को बेचने की तैयारी पर विवाद शुरू हो गया है। ट्रस्ट 1.05 एकड़ जमीन का CLU करके वहां रिहायशी प्लॉट या ग्रुप हाउसिंग काटना चाहता है। काउंसिल ऑफ इंजीनियर्स ने मोर्चा खोलते हुए अपना लिखित ऑब्जेक्शन स्थानीय निकाय विभाग के सेक्रेटरी व लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन के पास दर्ज करवा दिया है। काउंसिल ऑफ इंजीनियर्स ने अपने आब्जेक्शन में स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा करना नियमों की उल्लंघना है। 33 साल में स्कूल जमीन को नहीं बेच पाया ट्रस्ट काउंसिल ऑफ इंजीनियर्स के प्रधान इंजी. कपिल देव ने कहा कि राजगुरु नगर स्कीम 1991-92 में आई थी। 33 साल बीतने के बाद भी ट्रस्ट न तो स्कूल की इस जगह का न तो बेच पाया और न ही यहां पर स्कूल बना सका। ट्रस्ट अब उस जमीन से मोटा मुनाफा कमाना चाहता है, जो पूरी तरह गैर-कानूनी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कपिल देव ने शिकायत में कहा है कि स्कूल की जमीन को रिहायशी प्लाट बनाकर बेचना सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। उन्होंने बैंगलोर मेडिकल ट्रस्ट केस का हवाला देते हुए कहा है कि पब्लिक यूटिलिटी की जमीन को बेचा नहीं जा सकता। मास्टर प्लान का उल्लंघन उन्होंने अपने ऑब्जेक्शन में कहा है कि लुधियाना मास्टर प्लान के तहत ‘एजुकेशनल लैंड’ को रिहायशी नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की गलती के कारण ऐसा हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर ट्रस्ट ने इस जमीन को स्कूल के अलावा अन्य कार्यों के लिए बेचा तो इसे कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। स्कूल लैंड पर हो चुका है कब्जा कपिल देव अरोड़ा ने कहा कि ट्रस्ट राजगुरु नगर में स्कूल की जिस जमीन को रिहायशी प्लाट बनाकर बेचना चाहता है उस जमीन पर पहले ही कब्जा हो चुका है। ट्रस्ट जमीन पर हुए कब्जे को हटाने में नाकाम रहा है इसलिए अब बाकी का हिस्सा बेचकर उस पर पर्दा डालना चाहता है। बिल्डरों को फायदा देने की चाल पब्लिक एक्शन कमेटी के सदस्य कुलदीप सिंह खैहरा का कहना है कि राजगुरु नगर ब्लॉक-A में स्कूल की जमीन का रिजर्व प्राइस 6 साल पहले 21 हजार 740 रुपए था। उसके बाद ट्रस्ट ने इसका रिजर्व प्राइस जारी नहीं किया। वहीं दूसरी तरफ वहां पर रिहायशी प्लॉटों की रिजर्व प्राइमरी 2025 में जारी नोटिस के हिसाब से 55 हजार रुपए प्रति वर्ग गज है। जबकि मार्केट कीमत इससे कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट स्कूल की जमीन का CLU करके इसे किसी बिल्डर को अंदर खाते रिजर्व प्राइस के आसपास की कीमत पर बेच देगा और बिल्डर फिर मनमाने तरीके से लोगों से रेट वसूलेगा। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को ऐसा करने नहीं दिया जाएगा।

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