लुधियाना के सराभा नगर स्थित दीपक अस्पताल में काम करने वाली 32 वर्षीय महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतका के जीजा सुखदेव सिंह ने अस्पताल प्रशासन पर हत्या कर शव पंखे से लटकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि शव पर चोटों के निशान थे, दाईं टांग को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी और चेहरे पर भी कई चोटें थीं। घटनास्थल से दूर तक खून के छींटे मिले। परिवार का दावा है कि वह आत्महत्या करने वाली नहीं थी और दस साल से नौकरी कर रही थी। सीसीटीवी फुटेज मांगने पर अस्पताल ने कैमरा खराब होने का बहाना दिया। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। मृतका के जीजा बोले- हमें अस्पताल प्रशासन पर शक मृतका के जीजा सुखदेव सिंह ने बताया कि लड़की दीपक अस्पताल सराभा नगर में काम करती थी। 9 अगस्त को वह अपने घर से यहां पर वापस आई थी। जिसके बाद से उसका कोई फोन और मैसेज हमें नहीं आया। लड़की की उम्र करीब 32 साल है। दीपक अस्पताल में मृतका पिछले ढ़ाई साल से काम कर रही थी। हमें डॉक्टर द्वारा सारे घटनाक्रम की जानकारी दी गई थी। सुखदेव सिंह ने कहा- हमें गांव के सरपंच ने जानकारी दी कि हमारी बेटी ने आत्महत्या की है। मौत के बारे में हमें सोमवार को हमें जानकारी दी गई थी। परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर शक जताया है कि उनकी से परेशान होकर हमारी बेटी ने सुसाइड किया है। परिवार ने कहा- जब हमने अस्पताल से पिछले तीन दिन की सीसीटीवी फुटेज मांगी तो हमें कहा गया कि तीन दिन से उनका सीसीटीवी कैमरा खराब है। परिवार बोला- हमारी बेटी को मारकर लटकाया गया सुखदेव सिंह ने कहा- शव से लग रहा है कि उसके शरीर पर चोटें लगीं हैं और उसकी राइट लात को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। साथ ही फेस पर भी काफी निशान थे। जहां शव मिला, वहां से काफी दूर तक महिला के खून के छींटे पड़े हुए थे। हमारी बेटी सुसाइड करने वाली नहीं है, उसके सिर पर काम चलता था। पिछले दस सालों से वह नौकरी पेशा में है। सुखदेव ने आगे बताया कि मरने वाली लड़की कुल पांच बहन भाई हैं। जिसमें चार बहने और एक भाई है। मृतक खुद सबसे बड़ी बेटी थी। हमें शक है कि हमारी बेटी को मारने के बाद फंदे से लटकाया गया है। परिवार ने कहा- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मरने की असल वजह का पता चलेगा।


