लुधियाना हॉस्पिटल में शव बदलने का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा:परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर उठा सवाल,आयोग ने पुलिस कमिश्नर व हॉस्पिटल से मांगा जवाब

लुधियाना फिरोजपुर रोड स्थित ओरिसन सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मोगा निवासी एक बुजुर्ग महिला का शव बदलने का मामला अब पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग चंडीगढ़ तक पहुंच गया है। मंगलवार को मृतका के परिजन किसान संगठनों के साथ आयोग के समक्ष पेश हुए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए लिखित शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने लुधियाना पुलिस कमिश्नर और अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है और जवाब तलब किया है। 9 दिन इलाज चला, मौत के बाद रखा गया शव बदला मिला मोगा के रहने वाले जसवंत सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी जसवीर कौर (72) का हॉस्पिटल में करीब नौ दिन इलाज चला। 19 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। बेटा कनाडा में होने कारण शव को मोर्चरी में रखवाया गया। परिजनों का कहना है कि सोमवार को जब वे शव लेने पहुंचे तो वहां जसवीर कौर की जगह किसी और महिला मंजू दीवान का शव रखा मिला। परिजनों ने हंगामा किया और थाना सराभा नगर पुलिस को मौके पर बुलाया गया। इसके बाद अस्पताल के खिलाफ केस दर्ज किया गया। परिवार का आरोप है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि किसी बड़ी साजिश का इशारा है। पति ने जताया अंग तस्करी का शक जसवंत सिंह ने शिकायत में गंभीर आरोप लगाया है कि उन्हें शक है कि अस्पताल ने उनकी पत्नी के अंग निकालकर तस्करी की होगी और मामला दबाने के लिए शव बदलने की कोशिश की गई। उन्होंने बताया कि वे पूरे दिन अस्पताल में धरने पर बैठे रहे, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया। अस्पताल की तरफ से उन्हें अस्थियां देने की पेशकश की गई जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए हैं। शिकायत में कहा गया है कि पुलिस यह पता लगाने में नाकाम रही कि असली शव अस्पताल से बाहर कैसे गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर अस्पताल को बचाने की कोशिश कर रही है क्योंकि केस अस्पताल के अज्ञात स्टाफ पर दर्ज किया गया है। कई बार सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की गई लेकिन पुलिस कोई वीडियो नहीं दिखा सकी।परिजनों की मांग है कि जसवीर कौर के असली शव की स्थिति बताई जाए और शव चोरी की निष्पक्ष जांच कर असली दोषियों को बेनकाब किया जाए। मानवाधिकार आयोग ने मांगा जवाब मानवाधिकार आयोग ने शिकायत स्वीकार करते हुए लुधियाना पुलिस कमिश्नर और ओरिसन अस्पताल को नोटिस जारी किया है और पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

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