लुधियाना HDFC बैंक के धोखा धड़ी का मामला:मैनेजर और कर्मचारी 9.50 लाख की FDR हड़पने का आरोप,FIR के 2 साल बाद भी नहीं मिला इंसाफ

लुधियाना के थाना सदर के अंतर्गत आते इलाके में एक सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है जहाँ एक मशहूर पंजाबी सिंगर अनीता रानी उर्फ नीतू विर्क अपनी ही मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं। आरोप है कि HDFC बैंक शाखा गांव गिल के पुराने मैनेजर प्रभजोत सिंह और कर्मचारी संनित धीर ने मिलीभगत कर पीड़िता की करीब 9.50 लाख रुपये की दो FDR (फिक्स्ड डिपॉजिट) खुर्द-बुरद कर दीं। क्या है पूरा मामला? नीतू विर्क ने पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने अक्टूबर 2022 और मई 2023 में बैंक में कैश 6.50 लाख और 3 लाख रुपये की एफडी करवाई थी। जब उन्हें पैसों की जरूरत पड़ी और वे बैंक गईं तो मैनेजर ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि पैसे खाते से निकल चुके हैं। हद तो तब हो गई जब बैंक ने उनका चलता हुआ सेविंग अकाउंट भी ब्लॉक कर दिया। जिसके बाद पुलिस कंप्लेन की गई । पुलिस जांच में बैंक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध इस मामले में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर रमनदीप सिंह भुल्लर द्वारा की गई जांच में सामने आए जिसमे की बैंक ने दावा किया क्रेडिट कार्ड का बिल बकाया होने के कारण एफडी काटी गई लेकिन बैंक इसका पूरा रिकॉर्ड पेश नहीं कर सका। वही पीड़िता का कहना है कि उन्होंने कभी नेट बैंकिंग या गूगल-पे इस्तेमाल ही नहीं किया,फिर भी उनके प्रोफाइल में छेड़छाड़ की गई।

जांच अधिकारी ने स्पष्ट लिखा कि बैंक अधिकारियों का रवैया संदिग्ध है और यह सीधे तौर पर अमानत में ख्यानत और धोखाधड़ी का मामला है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल,पीड़िता ने पूछे तीखे सवाल नीतू विर्क ने हाल ही में फेसबुक पर दो वीडियो साझा किए हैं। वीडियो में वे बैंक के अंदर बैंक अधिकारियों से आमने-सामने बात करती नजर आ रही हैं। वे आरोपियों से अपने पैसे वापस मांग रही हैं लेकिन बैंक की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। नीतू का आरोप है कि पुलिस ने FIR (धारा 406, 420, 408, 120-B) तो दर्ज कर ली, लेकिन 2 साल बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस मामले में एसओ सादर ने बताया कि मामले की करवाही चल रही है दोनों को 26-12-2025 को गिरफ्तार किया गया था और पुछताज की गई है फिलहाल जाँच जारी है पीड़ित ने कहा मुझे शक है कि दोनों आरोपी बैंक कर्मचारी अब वहां से भाग चुके हैं या ट्रांसफर करवा चुके हैं। मैंने RBI में भी शिकायत की है,लेकिन सिस्टम की सुस्ती मेरी जमापूंजी खा रही है। आगे क्या? पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उनके ब्लॉक किए गए खाते को बहाल कर पैसे वापस दिलाए जाएं। फिलहाल मामला ठंडे बस्ते में नजर आ रहा है जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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