भास्कर न्यूज| जैसलमेर जैसलमेर लौद्रवपुर पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर ट्रस्ट के तत्वावधान तथा साध्वी प्रशमिता महाराज, साध्वी अर्हमनिधि महाराज, साध्वी परमप्रिया महाराज एवं साध्वी अर्पणनिधि महाराज के सानिध्य में नगर के समीप स्थित लूणिया दादावाड़ी की वार्षिक ध्वजा आरोहित की गई। प्रवक्ता पवन कोठारी ने बताया कि इस वर्ष की ध्वजा का लाभ बाबूलाल भूरचंद लूणिया परिवार धोरीमन्ना हाल बाड़मेर की ओर से नरेश लूणिया द्वारा लिया गया। ट्रस्टी दीपक चौपड़ा एवं सभापति महेंद्र भाई बाफना ने बताया कि सुबह शुभ मुहूर्त में महिला मंडल के सदस्यों द्वारा कवि ऋद्धिसार कृत दादा गुरुदेव की वृहद पूजा का वाचन किया गया। लाभार्थी परिवार ने शुभ मुहूर्त में ध्वजा का पूजन कर साध्वी भगवंतों से अभिमंत्रित वास चूर्ण का निक्षेप करवाया। ध्वज पूजा का गान करके ध्वजा को मस्तक पर धारण कर संघ द्वारा चरण पादुकाओं की तीन प्रदक्षिणा दी गई। अभिजीत मुहूर्त में लाभार्थी लूणिया परिवार द्वारा दादा गुरुदेव के जयघोष के साथ सकल संघ की उपस्थिति में नूतन ध्वजा आरोहित की गई। वार्षिक चढ़ावों का लाभ ज्ञानचंद भूरचंद डूंगरवाल देवड़ा, कैलाशचंद स्वरूपचंद बागचार ब्रह्मसर, अनिल कुमार यश कुमार जैन अलवर, चौथी देवी दयारामदास मालू धोरीमन्ना, मांगीलाल राकेश कुमार श्रीमाल देवड़ा, सरदारसिंह भंवरलाल राखेचा जैसलमेर, मोहनलाल प्रेमचंद गोठी डांगरी, आसुलाल सुरेश कुमार संखलेचा झिनझिनयाली ने लिया। साध्वी भगवंत ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्राचीन काल में लूणिया परिवार दादा गुरुदेव का अनन्य भक्त था। सिंध के मुल्तान नगर में संकट आने पर जिन कुशल सूरि महाराज की छत्रछाया में वह परिवार जैसलमेर आया। उसी परिवार को ब्रह्मसर तीर्थ में गुरुदेव ने प्रत्यक्ष दर्शन दिए और इस दादावाड़ी का निर्माण भी लूणिया परिवार द्वारा करवाया गया। यह स्थान भी गुरुदेव की प्रत्यक्ष दर्शन स्थली है। जैन ट्रस्ट जैसलमेर द्वारा लाभार्थी परिवार का बहुमान किया गया। इस अवसर पर सकल जैन संघ के सदस्य, जैन ट्रस्ट जैसलमेर के पदाधिकारी, ट्रस्टी, जिन कुशल युवा मंडल, पार्श्व एवं जिन कुशल मनोज्ञ महिला मंडल आदि मौजूद रहे।


