राजधानी की कई प्रमुख सड़कों पर लेन बनी हुई है लेकिन कहीं इसका पालन ही नहीं हो रहा है। भारी वाहनों और कार की लेन में ऑटो व बाइक वाले घुस जाते हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। हादसे होते भी हैं। दैनिक भास्कर ने एक्सपर्ट से जाना कि लेन का उपयोग कैसे करना चाहिए। इसमें गाड़ियों की रफ्तार कितनी होनी चाहिए। किस तरफ से टर्न लेना चाहिए। आम लोगों के लिए सर्विस रोड क्यों बनाई जाती है और इसका उपयोग कैसे होना चाहिए। सिग्नल में बदल जाता है सिस्टम स्लो लेन: सिग्नल के पास स्लो लेन का उपयोग लेफ्ट जाने के लिए किया जाता है।
स्पीड लेन: जिन्हें सीधा आगे जाना है। वह स्पीड लेन या बीच वाले लेन में रुकते हैं।
ओवरटेक लेन: जिन्हें राइट साइड जाना या यू-टर्न करना है वे वह इसका उपयोग करते हैं।
टू लेन में कैसे चलें…
जहां टू लेन है वहां लेफ्ट साइट दोपहिया के लिए है और राइट साइट चार पहिया के लिए है।


