लॉकर से सोने के गहने निकाल रखे नकली गहने:गोल्ड लोन कम्पनी के ब्रांच मैनेजर सहित 4 के खिलाफ मामला दर्ज, ऑडिट में पकड़ी गई सवा करोड़ की धोखाधड़ी

रुपयों की जरुरत होने पर जिन ग्राहकों ने अपने सोने के गहने गोल्ड कम्पनी में गिरवीकर कर लोन लिया। उनके गहने लॉकर से निकाल कर उसकी जगह नकली गहने रखकर ग्राहकों और कम्पनी के साथ धोखाधड़ी करने का मामला ऑडिट रिपोर्ट में सामने आया है। ऐसे में गोल्ड फाइनेंस कम्पनी के ब्रांच मैनेजर सहित चार जनों के खिलाफ कम्पनी की ओर से अब सोजत सिटी थाने में सवा करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने, अमानत में खयानत करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सोजत सिटी SHO कपुराराम ने बताया कि सिरोही जिले के चोटिला (पालड़ी एम) निवासी 34 साल के किशनलाल मेघवाल ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें बताया कि सोजत सिटी में 3 जुलाई 2023 को पाली जिले के सोजत सिटी में धनवर्षा गोल्ड लोन ब्रांच खोली गई। जिसका मुख्य कार्य गोल्ड और बिजनेस लोन देना था। रिपोर्ट में बताया कि वर्तमान में उनकी ब्रांच का नाम दूकैप फाइनेंस लिमिटेड रख गया है। सोजत निवासी कुलदीप गिरी इसके ब्रांच मैनेजर, अंकिता गहलोत सहायक ब्रांच मैनेजर, यश कुमार केशियर और आदित्य टांक ब्रांच के सेल्स मैनेजर के पद पर लगे हुए है। रिपोर्ट में बताया कि 21 नवम्बर 2024 को रिजनल मैनेजर राजेंद्रसिंह सोजत ब्रांच का सप्राइज विजिट किया। जिसमें उन्हें कई गोल्ड और बिजनेस लोन ओवर डियू होने पर ग्राहकों से बातचीत की। जिसमें सामने आया कि शाखा में कुछ गड़बड़ चल रही है। ग्राहक अभिषेक परिहार ने भी इसकी शिकायत की थी। मुख्यालय से 22 नवम्बर 2024 को ऑडिट टीम भेजी गई। जिसमें ग्राहकों के 11 पैकेट कम मिल और लॉकर में रखे 7 पैकेट में सोने के गहनों की जगह नकली गहने मिले। तथा पैकेट पर ऑडिटर के हस्ताक्षर भी फर्जी मिले। 1 करोड़ 25 लाख 67 हजार 362 रुपए की धोखाधड़ी की। इस पर धोखाधड़ी करने, ब्रांच की साख को नुकसान पहुंचाने और अमानत में खमानत करने का आरोप लगाते हुए सोजत निवासी कुलदीप गिरी इसके ब्रांच मैनेजर, अंकिता गहलोत सहायक ब्रांच मैनेजर, यश कुमार केशियर और आदित्य टांक ब्रांच के सेल्स मैनेजर के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया। इन ग्राहकों के गहने बदले गए
रिपोर्ट में बताया कि चांदनी गहलोत, हितेश टांक, सत्यनारायण टांक, किशनलाल, इशिता गहलोत, अमरचंद हितेश टांक ने गोल्ड लोन उनकी फाइनेंस कम्पनी से लिया था। जिनके अमानत के रूप में कम्पनी में रखे गहनों की जांच की तो वे नकली निकले। रिपोर्ट में आरोप लगाया कि ब्रांच मैनेजर सहित अन्य ने मिलीभगत कर असली गहने निकालकर उसकी जगह नकली गहने रखे दिए।

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