लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की त्रिशताब्दी जयंती पर विशेष:मालवा की शासक थीं, लेकिन दृष्टि राष्ट्रीय थी; 60 हजार महिलाओं की सेना तैयार की

जयपुर में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की त्रिशताब्दी जयंती के अवसर पर विशेष समारोह का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भैय्याजी जोशी ने कहा कि अहिल्याबाई का जीवन पुण्य से भरा था। वे इतिहास में एकमात्र ऐसी शासक थीं, जिन्हें देवी की उपाधि मिली। अहिल्याबाई का जीवन नर्मदा जल की तरह शुद्ध और पारदर्शी था। शिव भक्त अहिल्याबाई ने महेश्वर को अपनी राजधानी बनाया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया। महेश्वर में कपड़ा उद्योग की स्थापना कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया। समारोह में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा- आज के माता-पिता को अहिल्याबाई से प्रेरणा लेकर बच्चों को संस्कारित करना चाहिए। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने बताया- अहिल्याबाई ने महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिलवाया और स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। अहिल्याबाई की राजनीतिक सूझबूझ अद्भुत थी। उन्होंने अपने राज्य की सीमाओं से बाहर भी मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाया। घाट बनवाए और अन्नसत्र चलाए। दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने कविता के माध्यम से लोकमाता को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का आयोजन विश्वमांगल्य सभा और राजस्थान सरकार के सांस्कृतिक एवं पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। विश्वमांगल्य सभा की राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री पूजा देशमुख ने कहा- समारोह का उद्देश्य रानी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, उनके शासनकाल, सामाजिक कार्यों और आध्यात्मिक दृष्टिकोण को समाज के समक्ष प्रस्तुत करना है। विश्वमांगल्य सभा महिलाओं द्वारा संचालित संगठन है जो महिलाओं के बीच काम करते हुए देश को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए कृत संकल्पित है। राष्ट्रसमर्था देवी अहिल्याबाई की पुण्यगाथा नाटक का भव्य मंचन इस अवसर पर देवी अहिल्याबाई के जीवन पर आधारित नाटक राष्ट्रसमर्था देवी अहिल्याबाई की पुण्यगाथा का भव्य मंचन हुआ, जिसे नागपुर, महाराष्ट्र से आए 40 कलाकारों ने अपने अभिनय से जीवंत बना दिया। मातृत्व को समर्पित संस्था विश्वमांगल्य सभा द्वारा देश के 101 जिलों में इस नाटक के मंचन की योजना है। यह नाटक सर्व प्रथम काशी के नमो घाट पर मंचित हुआ था, जिसमें लगभग 5 हजार लोगों की उपस्थिति रही थी। जयपुर इसका 30वां पड़ाव था। नाटक की स्क्रिप्ट संस्था की राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. वृशाली जोशी ने लिखी है। इस अवसर पर विश्वमांगल्य सभा के केंद्रीय परामर्शदाता प्रशांत हरतालकर, अखिल भारतीय फिक्की फ्लो की राष्ट्रीय अध्यक्ष नीता बूचरा, सांसद मंजू शर्मा समेत अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।

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