राजधानी जयपुर समेत देशभर में सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों और अतिक्रमण का मामला शुक्रवार को लोकसभा में गूंजा। जयपुर लोकसभा सांसद मंजू शर्मा ने शून्यकाल के दौरान यह गंभीर मुद्दा उठाते हुए सरकार से अतिक्रमित भूमि को चिन्हित कर उसे मुक्त कराने की मांग की। उन्होंने विशेष रूप से राजस्थान की राजधानी जयपुर में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों और सरकारी जमीनों पर कब्जों को लेकर चिंता जाहिर की। सांसद मंजू शर्मा ने सदन को बताया कि देश के कई हिस्सों में चारागाह की भूमि, वन भूमि, नगर पालिका और नगर निगम की जमीन, विकास प्राधिकरणों की भूमि सहित विभिन्न विभागों की सरकारी जमीनों पर कब्जाधारियों ने अवैध रूप से कॉलोनियां बसा दी हैं। इन कॉलोनियों में लोगों ने मकान तक बना लिए हैं, कई स्थानों पर अवैध पट्टे भी काट दिए गए हैं। इससे न केवल सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि, नियोजित विकास भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि देशभर में इस तरह की अतिक्रमित सरकारी भूमि की कुल मात्रा कितनी है। इसके साथ ही यह भी पूछा कि राजस्थान, विशेषकर जयपुर में कितनी सरकारी जमीन अवैध कब्जों के दायरे में है। सांसद ने मांग की कि इन सभी अतिक्रमणों का विस्तृत और प्रमाणिक विवरण सदन में पेश किया जाए। ताकि स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ठोस कार्रवाई की जा सके। मंजू शर्मा ने सरकार से आग्रह किया कि अवैध कब्जों और अतिक्रमण वाली सभी सरकारी जमीनों को चिन्हित कर उन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी भूमि का उपयोग जनहित के कार्यों और विकास परियोजनाओं में किया जा सकता है, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा। सांसद ने यह भी कहा कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए। तो भविष्य में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। बता दें कि लोकसभा में इस मुद्दे के उठने के बाद सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। न सिर्फ राजधानी जयपुर बल्कि, प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण एक प्रमुख समस्या बन रही है। ऐसे में अब देखना होगा सांसद शर्मा द्वारा उठाए गए इस मुद्दे का भविष्य में क्या समाधान निकलता है।


