262वें सवाई माधोपुर स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार रात दशहरा मैदान पर रंगीलो राजस्थान सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। शहर के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा, जिला कलेक्टर शुभम चौधरी, SP ममता गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी और लोग मौजूद रहे। लोक गायकी के जलवे बिखेरे
सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में पारंपरिक लोक कलाओं से ओतप्रोत चरी नृत्य, घूमर नृत्य, 13 ताली नृत्य, कच्ची घोड़ी नृत्य, कालबेलिया व घूमर नृत्य आदि की स्थानीय एवं बाहर से आए लोक कलाकारों ने प्रस्तुतियां दी। साथ ही मंच पर लोक गायकों ने प्राचीन राजस्थानी लोक गायकी के भी जलवे बिखेरे। कृषि मंत्री ने किया संबोधित
देर रात तक चले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक व कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि सवाई माधोपुर का ऐतिहासिक महत्व किसी से छिपा नहीं है। रणथंभौर के राजा हठीले हम्मीर ने शरणार्थियों की रक्षा और अपने वचन के लिए मुगल आक्रांताओं का डटकर मुकाबला किया। मुगल आक्रांत सालों तक रणथंभौर को घरकर बैठे रहे और राजा हम्मीर ने उनका सामना किया।
उन्होंने कहा कि सवाई माधोपुर का रणथंभौर आज बाघों की अठखेलियों को लेकर विश्व स्तर पर अपनी पहचान रखता है। जिसके चलते यहां सर्वाधिक विदेशी पर्यटक भ्रमण के लिए आते है। यहां का काला-गौरा भैरव मंदिर का भी बहुत पुराना इतिहास रहा है। सवाई माधोपुर के दोनों तरफ बहने वाली चंबल ओर बनास नदी सवाई माधोपुर को समृद्ध बनाती है। डॉ. किरोड़ी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों में स्थानीयों लोक कलाओं को ओर अधिक महत्व देना चाहिए। उन्होंने हाड़ौती व ढूंढाड़ क्षेत्र की कलाओं को भी अगली बार कार्यक्रम में शामिल करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया और शहर के स्थापना दिवस को ओर भी भव्य तरीके से मनाने की बात कही।


