चिरमिरी नगर पालिक निगम ने नागरिकों से संपत्तिकर और जल शुल्क जमा करने की अपील की है। इस बीच, विश्व जल दिवस के अवसर पर जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया गया। निगम आयुक्त रामप्रसाद आचला ने कहा कि कई करदाता बकाया और चालू टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 और छत्तीसगढ़ नगर पालिका नियम 1997 के तहत हर साल संपत्तिकर और जल शुल्क जमा करना अनिवार्य है। निगम द्वारा भेजे गए बिल के अनुसार करदाताओं को भुगतान करना होता है। निगम ने कई बार नोटिस भेजा है। शासन भी लगातार वसूली के लिए निर्देश दे रहा है। महापौर रामनरेश राय ने भी नागरिकों से अपील की है। आयुक्त ने कहा कि समय पर भुगतान करने से अधिभार से बचा जा सकता है। निगम का कहना है कि टैक्स की राशि से क्षेत्र का विकास किया जाता है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में निगम का सहयोग करें। जल्द से जल्द बकाया राशि जमा कर रसीद प्राप्त करें। विश्व जल दिवस पर जल संरक्षण का संदेश इस बीच, विश्व जल दिवस के अवसर पर जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया गया। कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें जल संरक्षण के महत्व पर जोर दिया गया। कार्यपालन अभियंता आकाश पोद्दार ने ग्राम पंचायत चेरवापारा में जल बचाने और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने पर चर्चा की। कलेक्टर त्रिपाठी ने जल संरक्षण में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जल बचाने की जिम्मेदारी सिर्फ प्रशासन की नहीं है। यह समाज के हर व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का आह्वान किया। साथ ही तालाब, नदियों में कचरा न डालने की अपील की। कार्यक्रम में लोगों से जल संरक्षण से जुड़ी कहानियां और लेख लिखने का आग्रह किया गया। ग्रामीणों ने जल संरक्षण की शपथ ली। सभी ने माना कि पानी ही जीवन है और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाना जरूरी है। जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और जल प्रदूषण रोकने के लिए सामूहिक प्रयास पर बल दिया गया।


