लोधी महासभा की बैठक में सामाजिक कुरीतियों पर चर्चा:नशाखोरी, मृत्युभोज रोकने और शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प

धौलपुर में जिला लोध/लोधी (क्षत्रिय) महासभा की ओर से “लोधा समाज जागरूकता अभियान” के तहत एक बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक मेड़ें का लुधपुरा, बसई नवाब, धौलपुर में हुई, जिसकी अध्यक्षता नंदपुरा ब्लॉक के अध्यक्ष विजेंदर सिंह ने की। बैठक के मुख्य अतिथि और वक्ता राष्ट्रीय महामंत्री बांकेलाल लोधा थे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में राजस्थान लोधा समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. हेमसिंह लोधा और जिलाध्यक्ष कैलाशचंद लोधा (पूर्व सरपंच बीलपुर) शामिल रहे। कार्यक्रम की शुरुआत वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे नशाखोरी, जुआ और सट्टा पर पूर्ण विराम लगाना था। इसके अतिरिक्त, मृत्युभोज जैसी प्रथाओं को बंद करने और शादियों में होने वाले अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसमें बैंड-बाजे और डीजे पर प्रतिबंध लगाने, महंगी रात की शादियों के बजाय दिन में विवाह करने तथा वधू के लिए अत्यधिक कपड़े व गहने ले जाने की प्रथा को सीमित करने जैसे मुद्दे शामिल थे। नंदपुरा, मेड़ें का लुधपुरा, चंदूपुरा और बसई नवाब के ग्रामवासियों ने संकल्प लिया कि वे धीरे-धीरे अपने-अपने गांवों को नशा मुक्त बनाएंगे। उनका लक्ष्य है कि आने वाली पीढ़ी उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर हो सके। ग्रामीणों ने यह भी तय किया कि वे शादियों में होने वाले फिजूल खर्चों को रोककर बच्चों की उच्च शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करेंगे। मुख्य वक्ता बांकेलाल लोधा ने समाज से अपील की कि वे अपने बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें, ताकि वे तंदुरुस्त और स्वस्थ रहें। उन्होंने बच्चों को पुलिस और सेना में भर्ती के लिए भी तैयारी कराने पर जोर दिया।
प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. हेम सिंह ने महिला शिक्षा पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि “एक बेटी पढ़ लेगी, तो सात पीढ़ी तर लेगी” यह एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है, जो समाज के उत्थान के लिए आवश्यक है।

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