भास्कर संवाददाता | बैतूल जिले के भीमपुर और चिचोली में स्वच्छ भारत मिशन में बिना काम किए 13 करोड़ 21 लाख 71 हजार 220 रुपए के गबन के मामले में पुलिस ने 1 और आरोपी को पकड़ा। पुलिस ने इंदौर से आरोपी पंकज पिता रामकिशोर यादव को गिरफ्तार किया। आरोपी पंकज के खाते में गबन के 3 करोड़ 27 लाख रु. का ट्रांजेक्शन होना पाया। यह राशि आरोपी को स्वच्छता घोटाले के मुख्य आरोपी राजेंद्र व उसकी पत्नी से मिली, जबकि मकीना एसोसिएट कंपनी से भी पंकज के खाते में 39 लाख रुपए आए। इस मामले में अब 13 आरोपी हो चुके हैं। 12 आरोपियों पर एफआईआर की थी, पुलिस की जांच में आरोपी पंकज सामने आया है। 9 दिसंबर को पुलिस ने शॉपिंग भंडार के संचालक युमेंद्र उर्फ दीपक को गिरफ्तार किया था। उसके खातों की जांच में सामने आया कि स्वच्छता के गबन के 3 करोड़ 27 लाख आरोपी पंकज यादव निवासी इंदौर के खाते में आए। पुलिस ने आरोपी पंकज से पूछताछ की तो उसने बताया वह इंदौर में हॉस्टल का संचालन करता है, उसने हॉस्टल के लिए लोन लिया था। वह लोन नहीं चुका पा रहा था। उसी दौरान उसकी पहचान युमेंद्र से गीता भवन में हुई। इसके बाद उसकी पहचान मुख्य आरोपी राजेंद्र सिंह परिहार से हुई। पंकज ने युमेंद्र को पैसे की जरूरत होना बताया तो युमेंद्र ने कहा हम तुमको पैसे दे देंगे पर जब हम बोलें चुकाना पड़ेगा। इसके बाद से पंकज युमेंद्र के साथ काम करने लगा। जांच कर रहे शाहपुर एसडीओपी मयंक तिवारी ने बताया आरोपी पंकज के खाते में मकीना एसोसिएट से करीब 39 लाख रुपए, जबकि राजेंद्र परिहार और उसकी पत्नी व युमेंद्र की कंपनी शॉपिंग भंडार से 2 करोड़ 88 लाख मिले। इस तरह से आरोपी पंकज के खाते में घोटाले के 3 करोड़ 27 लाख रुपए का ट्रांजक्शन पाया गया।


