राजिम| राजिम कुंभ कल्प मेला में घूमने प्रतिदिन दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। उड़ीसा से पहुंचे सूरज साव और बस्तर से आए अशोक खापर्डे ने बताया कि मेला घूमने के बाद लोमश ऋषि आश्रम में आकर उन्हें मानसिक शांति मिल रही है। यहां का प्राकृतिक वातावरण मन को मोहित कर रहा। रविवार को नागा साधुओं ने भी इसी लोमश ऋषि आश्रम में अपने ईष्ट दत्तात्रेय भगवान की पूजा-आरती कर अपनी धर्मध्वजा की स्थापना कर इष्ट देवताओं का आह्वान किया था। श्रद्धालु भी इन नागा साधुओं के दर्शन के लिए यहां पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि भगवान श्रीराम वनगमन के दौरान कुछ दिनों तक राजिम स्थित लोमश ऋषि आश्रम में ठहरे थे। आज भी धमतरी क्षेत्र में कुलेश्वरनाथ मंदिर के पास लोमश ऋषि का आश्रम विद्यमान है।


