धौलपुर में सोमवार रात को सिख समुदाय ने पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ लोहड़ी का पर्व मनाया। इस अवसर पर सुबह से ही सिख परिवारों में उत्सव का माहौल देखा गया। शाम को समुदाय के लोग पैलेस रोड स्थित एकत्र हुए और परंपरा के अनुसार अलाव जलाकर उसकी परिक्रमा की। लोहड़ी की रस्में निभाते हुए मूंगफली, रेवड़ी, खील, तिल के लड्डू, और अन्य पारंपरिक सामग्री अग्नि में अर्पित की गई। इस दौरान सभी ने एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा गया। वहीं नवविवाहित जोड़ों और नवजात शिशुओं के लिए यह पर्व विशेष महत्व रखता है। उनकी पहली लोहड़ी पर परिवारों ने परंपरागत तरीके से अग्नि पूजन और उत्सव का आयोजन किया। लोहड़ी का पर्व रबी की फसल पकने की खुशी में मनाया जाता है। यह पर्व नई ऊर्जा और सामूहिक खुशी का प्रतीक है। मान्यता है कि इस दिन अग्नि की पूजा और उसकी परिक्रमा करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाने वाला यह पर्व सिख समुदाय और उत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों में विशेष महत्व रखता है। इस मौके पर सामूहिक आयोजनों के जरिए सभी ने मिलकर खुशियां साझा कीं। बुजुर्गों ने युवा पीढ़ी को पर्व से जुड़ी परंपराओं और मान्यताओं के बारे में बताया। लोहड़ी के गीत और नृत्य ने उत्सव को और अधिक रंगीन बना दिया।


