‘लोहा कुट्ट’ में पुरूष-औरत के रिश्ते, पारिवारिक ताने-बाने, और प्यार-जुदाई का भावुक मंचन

भास्कर न्यूज | अमृतसर गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी ड्रामा क्लब और आवाज रंगमंच टोली की ओर से दशमेश ऑडिटोरियम में चल रहे 4 दिवसीय नाटक मेले के तीसरे दिन दर्शकों ने ‘लोहा कुट्ट’ नाटक का आनंद लिया। यह नाटक प्रसिद्ध लेखक बलवंत गर्गी की रचना है। मंच अमृतसर के कलाकारों ने इसे रंगमंच निर्देशक मंचप्रीत के निर्देशन में प्रस्तुत किया। नाटक में सामाजिक व्यवहारों को बेबाकी से दिखाया गया। कहानी एक लोहार काकू और उसकी पत्नी के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है। काकू लोहे को तोड़ना जानता है मगर पत्नी के मन की उलझनों को नहीं समझ पाता। पत्नी को यह बात जीवनभर खलती है। जब उसकी पहली मोहब्बत उसे बहकाने की कोशिश करती है, तो वह खुद से लड़ती है और बगावत के रास्ते पर चल पड़ती है। ‘लोहा कुट्ट’ में औरत-मर्द के रिश्ते, पारिवारिक ताने-बाने, जुदाई और प्रेम जैसे विषयों को खुलकर दिखाया गया। मंचप्रीत और उनकी टीम ने इस प्रस्तुति के जरिए नाटक के साथ पूरा इंसाफ किया और समाज को संदेश भी दिया। कार्यक्रम में बीएसएफ के डिप्टी कमांडर एस.बी. सागर मुख्य अतिथि रहे। कला प्रेमी सतवीर सिंह विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। पंजाबी विभाग के प्रमुख डॉ. मनजिंदर सिंह ने कहा कि ‘लोहा कुट्ट’ बलवंत गर्गी की सबसे प्रसिद्ध रचना है। मंचप्रीत और उनकी टीम ने इसे शानदार तरीके से प्रस्तुत किया। ड्रामा क्लब के कन्वीनर डॉ. सुनील कुमार ने आए हुए मेहमानों और दर्शकों का धन्यवाद किया। मंच अमृतसर की टीम को सम्मानित किया गया। इस मौके पर कनवल रंधेआ, मनप्रीत सिंह चड्ढा, डॉ. बलजीत कौर, डॉ. यूबी गिल, डॉ. गुरविंदर सिंह, करमजीत संधू, राजदीप कौर सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *