शहर की गैस एजेंसियों से 10 किलो का फाइबर बॉडी वाला कंपोजिट सिलेंडर अब ग्राहकों को मिलने लगा है। यह लोहे के भारी सिलेंडर का विकल्प है। इसमें कई खूबियां हैं, लेकिन हादसे की आशंका से ग्राहकों में डर भी है। इसी कारण मांग अभी कम बनी हुई है जबकि गैस कंपनियां इनकी ज्यादा सप्लाई पर फोकस किए हुए हैं। थाटीपुर के मयूर प्लाजा निवासी मीनाक्षी शर्मा ने कहा कि वे कंपोजिट सिलेंडर ही उपयोग कर रही हैं। यह काफी सुविधाजनक है, इसे घर का कोई भी सदस्य आसानी से कहीं शिफ्ट कर सकता है। वहीं गैस एजेंसी संचालक मयूर गोयल ने कहा कि अभी तक 25 ग्राहकों को कंपोजिट सिलेंडर दिया है। अन्य एजेंसी संचालक श्यामानंद शुक्ला का कहना है कि यह फायर प्रूफ है। इसमें ब्लास्ट नहीं होता है। जल्द ही इसमें 5 किलो का सिलेंडर भी आने वाला है।


