रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से हजरत निजामुद्दीन और जबलपुर के लिए चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर अब और आरामदायक होगा। रेलवे ने फैसला किया है कि इन ट्रेनों की चेयरकार श्रेणी में वोल्वो बस जैसी सीटें लगाई जाएंगी, ताकि यात्रियों को लंबी दूरी के सफर में बेहतर सुविधा मिल सके। अभी वंदे भारत की सीटें यात्रियों को थोड़ी सख्त लगती हैं। खासकर पहले संस्करण (फरवरी 2019) की सीटों को लेकर कई यात्रियों ने असुविधा जताई थी। रेलवे को लगातार फीडबैक मिला कि लंबी दूरी के सफर में इन सीटों से कमर दर्द और थकान होती है। वोल्वो की सीटें चौड़ी और मोटी कुशन वाली हैं, जो बैक सपोर्ट बेहतर देती हैं। इसलिए रेलवे ने इन्हें बदलने का निर्णय लिया है। सबसे पहले यह बदलाव रानी कमलापति से चलने वाली दोनों वंदे भारत एक्सप्रेस में किया जाएगा। इसके बाद देशभर की अन्य पुरानी वंदे भारत ट्रेनों में भी यही सीटें लगाई जाएंगी। रानी कमलापति डिपो में शुरू होगा काम रेल अधिकारियों के मुताबिक, इस काम की जिम्मेदारी भोपाल रेल मंडल को दी गई है और काम रानी कमलापति कोचिंग डिपो से शुरू होगा। भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि इसके लिए गुजरात की एक कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया जा रहा है। उम्मीद है कि इस साल के अंत तक कुछ कोच में नई सीटें लग जाएंगी। आगे का काम चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) के माध्यम से किया जाएगा। वोल्वो सीट क्यों बेहतर हैं : वोल्वो की सीटें अपनी मोटी कुशनिंग, चौड़ाई और बैक सपोर्ट के लिए जानी जाती हैं। ये लंबी यात्रा में थकान नहीं होने देतीं। रेलवे का लक्ष्य है कि वंदे भारत को अब केवल तेज ट्रेन नहीं बल्कि कंफर्ट ट्रेन के रूप में भी पहचान मिले।


