कोटा में एक वकील द्वारा लाडपुरा तहसीलदार को धमकाने का वीडियो सामने आया है। वीडियो रविवार 28 दिसंबर शाम 6 से 7 बजे का है। वीडियो में एडवोकेट अतीश सक्सेना तहसीलदार को कोर्ट में कदम रखने पे बताने की धमकी देते हुए सुनाई दिए है। इस बारे में तहसीलदार राजवीर यादव का पक्ष जानना चाहा। उन्होंने मीटिंग में होने की बात कही। दरअसल मामला एक वकील से मारपीट के आरोपियों को तहसील में पेश करने से जुड़ा है। वकीलों का आरोप है कि तहसीलदार ने अनुशासनहीनता, भेदभाव पूर्ण और राजनीतिक दबाव में काम किया है। बिना कागज के मुलजिम की जमानत ले ली। इसी बात से गुस्साए वकीलों ने तहसीलदार के चेम्बर के बाहर हंगामा कर दिया। वकील अतीश सक्सेना ने कहा आना अब कोर्ट में सारी तहसीलदारी निकाल देंगे। आज वीडियो सामने आने के बाद व वकील के साथ मारपीट करने के आरोपियों की बिना वकालतनामें के जमानत लेने के मामले में बार एसोसिएशन ने नाराजगी जताई है। सरंक्षक समिति बार एसोसिएशन कोटा ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर तहसीलदार को निलंबित करने की मांग की है। समिति संरक्षक अतीश सक्सेना ने कहा कि 27 दिसंबर को रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र में एडवोकेट अंसार मोहम्मद व उनके बेटे के साथ मारपीट हुई थी। जिसपर 7 लोगों के खिलाफ थाने मव शिकायत दी थी। पुलिस ने 6 लोगों को मौके से डिटेन। 4 को थाने से वापस भेज दिया। जबकि दो व्यक्ति चांद मोहम्मद व फैजान को 28 दिसंबर की शाम को तहसीलदार लाडपुरा के सामने पेश किया। एडवोकेट अंसार की ओर सीनियर वकीलों ने बहस की। लेकिन लाडपुरा तहसीलदार राजवीर यादव ने वकीलों से दुर्व्यवहार किया और कहा कि -आप मुझे कानून मत सिखाओ, मेरे यहां कोई वकालतनामा व वकील की जरूरत नहीं है। मै मेरे हिसाब से आर्डर कर दूंगा’ इसके बाद भी सभी वकील शाम 7 बजे तक लाडपुरा तहसील कार्यालय के बाहर खड़े रहे। तहसीलदार ने बिना मुलजिम के पेश हुए, ना कोई कागज पेश हूए, ना ही मुलजिम की तरफ से वकालत नामा पेश हुआ। फिर भी मुलजिम की 20 हजार की जमानत ले ली। लोक सेवक ने अपने पद का दुरुपयोग किया। आज कलेक्टर को ज्ञापन देकर तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई व उन्हें निलंबित करने की मांग की है।


