वकील बोला- तुम्हारा पति मेरी मंगेतर के कमरे में था:सुसाइड से पहले के 2 ऑडियो; प्रेमिका SI को कॉन्स्टेबल संग रंगे हाथ पकड़ा था

मुरैना पुलिस लाइन के सरकारी क्वार्टर से शुरू हुआ विवाद वकील की मौत के बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। सिविल लाइन थाने में पदस्थ महिला एसआई, उसका मंगेतर ग्वालियर का वकील और एक आरक्षक, तीनों के बीच 12 दिसंबर की रात जो कुछ हुआ, उसकी परतें अब कॉल रिकॉर्डिंग के जरिए खुल रही हैं। वकील मृत्युंजय चौहान ने मौत से पहले आरक्षक और उसकी पत्नी को फोन किया था। बातचीत में उसकी बेचैनी, गुस्सा और टूटता हुआ भरोसा साफ सुना जा सकता है। वकील सुसाइड के पहले बार-बार कहता रहा कि क्वार्टर में जो उसने देखा, उससे उसकी पूरी जिंदगी पलट गई। वह थाने पहुंचने, अफसरों तक बात ले जाने और मीडिया को बताने की बात करता रहा, जबकि दूसरी ओर मामले को “समझाने” की कोशिश होती रही। दैनिक भास्कर के साथ दो ऑडियो लगे हैं, जो वकील, आरक्षक और आरक्षक की पत्नी के बीच बातचीत के बताए जा रहे हैं। पढ़िए, क्या है ऑडियो में… पहले जान लीजिए वकील के सुसाइड की वजह
सिविल लाइन थाने में पदस्थ महिला एसआई के मंगेतर, ग्वालियर निवासी वकील मृत्युंजय चौहान ने 14-15 दिसंबर की रात को आदर्शपुरम कॉलोनी स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वकील द्वारा आत्महत्या का कारण 12 दिसंबर को मुरैना पुलिस लाइन के सरकारी क्वार्टर में हुए एक घटनाक्रम को बताया गया। वकील के अनुसार, उस रात मंगेतर महिला एसआई और क्वार्टर में छिपे एक आरक्षक ने उसके साथ मारपीट की थी। इस घटना के बाद उसने अपनी मंगेतर के पदस्थ थाने सिविल लाइन और सिटी कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन कहीं भी उसकी बात नहीं सुनी गई। वकील ने महिला एसआई के मोबाइल से मुरैना जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों… एसपी, एएसपी और सीएसपी को वॉट्सऐप के माध्यम से पूरे मामले की जानकारी दी। वकील का कहना था कि, उसकी सुनवाई तो नहीं हुई, उल्टा सिटी कोतवाली में मेरे खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर ली गई। इसी से आहत होकर उसने सुसाइड जैसा कदम उठाया। वकील की मौत के बाद सामने आए दो ऑडियो
वकील मृत्युंजय चौहान ने आत्महत्या से पहले अपनी मंगेतर एसआई के कथित प्रेमी आरक्षक और उसकी पत्नी से फोन पर बातचीत की थी। यह कॉल रिकॉर्डिंग अब सामने आई हैं। हालांकि दैनिक भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता है। मृत्युंजय चौहान ने 14 दिसंबर की रात आरक्षक को फोन किया। दोनों के बीच कुल तीन कॉल हुईं। इनमें सबसे लंबी बातचीत 2 मिनट 15 सेकेंड की रही, जबकि अन्य दो कॉल 8 सेकेंड और 4 सेकेंड की थीं। आरक्षक प्रेमी और वकील मृत्युंजय की बातचीत के मुख्य अंश… वकील बोला–तुम्हारा पति मेरी मंगेतर के किचन में छुपा मिला
वकील मृत्युंजय चौहान आरक्षक से बात करने के बाद उसकी पत्नी से भी फोन पर बात की थी। करीब 4 मिनट 31 सेकेंड की इस बातचीत में वकील की आवाज में घबराहट थी। इस दौरान वह एक तरफ अपनी मंगेतर महिला एसआई से जुड़े रिश्ते की बात करता है, तो दूसरी तरफ आरक्षक को क्वॉर्टर के अंदर छुपा हुआ, मिलने का दावा करता है। आरक्षक की पत्नी और वकील मृत्युंजय की बातचीत के मुख्य अंश… अब पढ़िए…12 से 15 दिसंबर तक मारपीट से लेकर FIR तक पूरा घटनाक्रम सरप्राइज देने गया था वकील, पुलिस क्वार्टर में टूटा भरोसा
मुरैना पुलिस लाइन के क्वार्टर परिसर में अमलतास बिल्डिंग स्थित है। इसी बिल्डिंग की पहली मंजिल पर सिविल लाइन थाने में पदस्थ महिला एसआई का सरकारी क्वार्टर है, जहां वह अकेली रहती थी। मृतक वकील मृत्युंजय चौहान अपनी मंगेतर महिला एसआई से मिलने छुट्टी के दिन अक्सर इसी क्वार्टर पर आता था। 12 दिसंबर, शुक्रवार की रात करीब 10 बजे मृत्युंजय अपनी मंगेतर को सरप्राइज देने मुरैना पुलिस लाइन पहुंचा, लेकिन वहां खुद चौंक गया। क्वार्टर के दो गेटों में से एक बाहर से बंद था, जबकि दूसरा अंदर से बंद मिला। भीतर से आवाज आ रही थी। मृत्युंजय ने मंगेतर को फोन किया तो अंदर से घंटी बजी, लेकिन फोन उठाकर तुरंत काट दिया गया। इसके बाद जब वह गेट तोड़ने लगा, तभी दूसरे गेट से महिला एसआई बाहर आई और उसे अंदर ले गई। क्वार्टर के भीतर जाते ही वकील को शराब की बदबू आई। वह किचन में गया तो सिविल लाइन थाने में पदस्थ एक आरक्षक को कम कपड़ों में खड़ा देखा। आरोप है कि इसके बाद महिला एसआई और आरक्षक ने मिलकर मृत्युंजय को जमीन पर पटक दिया और उसके साथ मारपीट की। वकील के हाथ में लोहे का खलबट्टा आ गया, जिससे उसने बचाव में दोनों पर वार किए। इस झड़प में महिला एसआई और आरक्षक को चोट आई। सूत्रों की माने तो महिला एसआई ने आरक्षक को भागने के लिए कहा और खुद एक मंजिला क्वॉर्टर की बालकनी से शॉल बांधकर नीचे कूदकर, वहां से गायब हो गई। आरक्षक भी मौके से भाग निकला। मृत्युंजय महिला एसआई का मोबाइल लेकर सीधे सिविल लाइन थाने पहुंचा, जहां वह पदस्थ थी। उसने लिखित आवेदन दिया, लेकिन यह कहकर नहीं लिया गया कि घटना स्थल सिटी कोतवाली क्षेत्र में आता है। वह सिटी कोतवाली पहुंचा। यहां भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। निराश होकर वह ग्वालियर चला गया और महिला एसआई के मोबाइल से ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को वॉट्सऐप के जरिए पूरी घटना की शिकायत भेजी। आरोप है कि मुरैना पुलिस ने वकील की शिकायत नहीं सुनी, बल्कि उसे ही आरोपी बना दिया। घटना के बाद महिला एसआई अपने पिता के घर ग्वालियर चली गई, जहां उसने इलाज कराया। परिवार का आरोप है कि 12 और 13 दिसंबर की दरम्यानी रात सिटी कोतवाली में पदस्थ एसआई अतुल परिहार को ग्वालियर भेजकर मृतक वकील मृत्युंजय चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। इस कार्रवाई से वकील गहरे सदमे में आ गया। महिला एसआई की शिकायत में हथियार से हमले का आरोप
सिटी कोतवाली मुरैना में मृतक वकील मृत्युंजय चौहान के खिलाफ अपराध क्रमांक 00/25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इस एफआईआर में धारा 115(2), 333, 331(6), 304(2), 296 और 351(3) लगाई गई हैं। एफआईआर के अनुसार घटना स्थल सरकारी क्वार्टर नंबर-9, अमलतास ब्लॉक, पुलिस लाइन मुरैना बताया गया है। घटना 12 दिसंबर 2025 की रात करीब 10 बजे की बताई गई है।
एफआईआर में फरियादिया महिला एसआई ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी से लौटने के बाद रात करीब 10 बजे मृत्युंजय चौहान ने जबरन क्वार्टर में घुसकर शादी का दबाव बनाया, गाली-गलौज की और मारपीट की। आरोप है कि उसने टिफिन और पिस्टल के बट से हमला किया, फायर करने का प्रयास किया और मोबाइल फोन छीन लिया। जान के डर से वह बालकनी के रास्ते नीचे उतरी और बाद में ग्वालियर चली गई। बदनामी के कारण तत्काल शिकायत नहीं की गई और इलाज जेएएच में कराया गया। वकील का आखिरी आवेदन, पुलिस से मदद न मिलने का आरोप
मुरैना पुलिस को भेजे गए अपने अंतिम आवेदन में ग्वालियर हाईकोर्ट के वकील मृत्युंजय चौहान ने पूरे घटनाक्रम का विस्तार से उल्लेख किया था। यह आवेदन उसने 12 दिसंबर की रात अपनी मंगेतर महिला एसआई के मोबाइल फोन से मुरैना के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भेजा था। आवेदन में मृत्युंजय ने लिखा कि वह ग्वालियर की आदर्श कॉलोनी का निवासी और हाईकोर्ट में वकालत करता है। उसका सिविल लाइन थाने में पदस्थ महिला एसआई से पिछले पांच साल से प्रेम संबंध था, जो कैलारस थाने में पदस्थापना के दौरान शुरू हुआ। वकालत के चलते वह ग्वालियर में रहने लगा, जबकि महिला एसआई सिविल लाइन थाने में पदस्थ हो गई। दोनों साप्ताहिक अवकाश के दिन ही मिल पाते थे। उसने बताया कि 12 दिसंबर की रात वह मंगेतर को सरप्राइज देने मुरैना पुलिस लाइन के क्वार्टर पहुंचा। वहां क्वार्टर बंद मिला और अंदर किसी के होने की आहट आई। भीतर जाने पर शराब की गंध थी और किचन में एक आरक्षक आपत्तिजनक हालत में मिला। आरोप है कि इसके बाद महिला एसआई और आरक्षक ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। उसने यह भी लिखा कि महिला एसआई ने अनरजिस्टर्ड पिस्टल से फायर करने की कोशिश की, जो नहीं चली। मृत्युंजय ने आवेदन में कहा कि घायल हालत में वह सिविल लाइन थाने पहुंचा, लेकिन उसकी शिकायत और मेडिकल नहीं किया गया। अंत में उसने मंगेतर महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। ग्वालियर पुलिस कर रही मामले की जांच
मुरैना एडिशनल एसपी सुरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार सिविल लाइन थाने में पदस्थ महिला आरक्षक के द्वारा ग्वालियर के वकील पर एफआईआर करवाई गई थी । वकील ने ग्वालियर में बाद में आत्म हत्या की। घटनाक्रम ग्वालियर का है तो ग्वालियर पुलिस इस मामले की जांच कर रही है । मुरैना सिटी कोतवाली में तो वकील के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था । संबंधित खबरें भी पढ़ें… 1. पुलिसकर्मी प्रेमिका से शादी के 15 दिन पहले लगाई फांसी ग्वालियर में सोमवार को एक वकील ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 30 दिसंबर को उसकी शादी मुरैना में पदस्थ एक महिला सब-इंस्पेक्टर से होने वाली थी। वह उससे मिलने गया था, जहां उसने प्रेमिका को अपने कमरे में एक अन्य आरक्षक के साथ देखा। पढ़ें पूरी खबर… 2. प्रेमिका के धोखे से आहत होकर ग्वालियर में लगा ली थी फांसी मुरैना में प्रेमिका (सब इंस्पेक्टर) से मिले धोखे के बाद हाईकोर्ट के वकील मृत्युंजय सिंह चौहान ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। घटना सोमवार (15 दिसंबर) को आदर्शपुरम गोला का मंदिर की थी। मंगलवार को डॉक्टरों के पैनल से वकील के शव का पोस्टमॉर्टम कराया है। पढ़ें पूरी खबर…

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