कोंडागांव के फरसगांव उपवनमंडल के बड़ेडोंगर वनपरिक्षेत्र में वन विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर अवैध खेती को समाप्त किया है। हरवाकोड़ो इलाके में कुछ लोगों ने सरकारी वनभूमि पर कब्जा कर उड़द, हिरवा और कुल्थी की फसल बो दी थी। वन विभाग को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, भंडारवंडी, छोटेटेमली और नाचनडीही की वन प्रबंधन समितियां सक्रिय हो गईं। संयुक्त बैठक में अवैध खेती को समाप्त करने का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों ने अपने मवेशियों को खेतों में छोड़कर फसल को नष्ट करवा दिया। इस कार्रवाई से करीब 10 हेक्टेयर वनभूमि पुनः वन विभाग के अधीन आ गई। लिखित में दिया आश्वासन वन विभाग ने 12 अतिक्रमणकारियों को बुलाकर समझाया। उनसे लिखित में आश्वासन लिया गया कि वे भविष्य में ऐसा नहीं करेंगे। कार्रवाई के दौरान तीनों वन समितियों के सदस्य मौके पर मौजूद रहे। मांझीआठगांव और आलोर गांव के ग्रामीणों ने भी सहयोग किया। बड़े डोंगर के रेंजर नरेन्द्र मेश्राम ने कहा कि वनभूमि पर अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते कार्रवाई न की जाए तो जंगल कम होते जाएंगे। इसका नुकसान आने वाली पीढ़ियों को होगा। 15 बाइकर्स के खिलाफ चालानी कार्रवाई कोंडागांव पुलिस ने त्योहारी सीजन में सड़क सुरक्षा को लेकर कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न लगाकर तेज रफ्तार से बाइक चलाने वालों पर शिकंजा कसा है। कोंडागांव थाना पुलिस और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने 15 बाइकर्स के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की। सभी बाइक्स से मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न हटवाए गए। पुलिस ने बाइकर्स के परिजनों को थाने बुलाया। उन्हें बच्चों को सुरक्षित और जिम्मेदारी से वाहन चलाने के लिए प्रेरित करने को कहा। पुलिस का कहना है कि ऐसी बाइक्स सड़क पर खतरा पैदा करती हैं और आम लोगों की शांति भी भंग करती हैं। पुलिस ने लोगों से त्योहारी सीजन में यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करने को कहा है।


