सीकर जिले के प्रभारी मंत्री और राजस्थान सरकार में वन मंत्री संजय शर्मा आज एकदिवसीय सीकर दौरे पर रहे। उन्होंने सीकर में पिपराली में आयोजित रामकथा में हिस्सा लिया। इसके बाद शाम को मंत्री सीकर के खाटूश्याम मंदिर में भी दर्शन करने के लिए पहुंचे। दर्शन के बाद मंत्री संजय शर्मा मीडिया से रूबरू हुए। जहां उन्होंने लेपर्ड के बढ़ते हमलों,धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर बातचीत की। वन-मंत्री बोले- अतिक्रमण करेंगे तो वन्यजीव हमला करेंगे मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि पिछली बार भारत सरकार द्वारा जारी आंकड़ों में सबसे अधिक बढ़ोतरी राजस्थान में लेपर्ड की संख्या में हुई। वर्तमान में देखा जा रहा है कि ग्रामीण और शहरी इलाके में वन क्षेत्र की भूमि में अतिक्रमण किया जा रहा है। यदि वन्य क्षेत्र में अतिक्रमण करेंगे तो जीव जंतु और वन्य जीव बाहर निकलेंगे। कुछ इलाके ऐसे हैं जहां देखा जा रहा है कि लेपर्ड के नेचुरल फूड जैसे-जंगली सूअर, हिरण, सांभर और नीलगाय कम हुए हैं। इसे लेकर विभाग भी चिंतित है। जब तक किसी लेपर्ड को यह डर नहीं होता कि कोई उस पर हमला कर रहा है तो वह हमला नहीं करता है। मेरे सामने लेपर्ड आ जाए तो मैं भी बचाव करूंगा शर्मा ने कहा कि चाहे मैं खुद ही क्यों न हूं, अगर मेरे सामने भी लेपर्ड आ जाएगा तो मैं भी डर महसूस करूंगा कि कहीं मुझ पर हमला नहीं कर दे। उसी रिएक्शन में हम लोग लेपर्ड पर पत्थरबाजी या लकड़ी से हमला कर देते हैं। वन क्षेत्र में हुए अतिक्रमण को हटाकर वन्य जीवों को कैसे आश्रय दिया जाए इसके लिए भी हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि राजस्थान सरकार लगातार इस प्रयास में है कि प्रदेश के जो भी धार्मिक और पर्यटन स्थल है वहां आने वाले लोगों को अच्छी सुविधा मिल सके। विश्व विख्यात खाटूधाम को भी विकसित करने के लिए सीएम भजनलाल शर्मा के द्वारा बजट में 100 करोड़ रुपए की घोषणा की गई। राज्य सरकार ने इस पर काम करना भी शुरू कर दिया है। खाटू में पहले श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उन्हें काफी देर तक दर्शनों के लिए लाइन में इंतजार करना पड़ता था। सरकार के द्वारा इन व्यवस्थाओं में बड़ा बदलाव भी किया गया। भविष्य में श्रद्धालुओं को कैसे अच्छी से अच्छी सुविधा मिल सके,इसके लिए भी सरकार काम कर रही है।


