वन अमला ने पैतृक जमीन पर खेती से रोका:बीजापुर में किसानों के बैल-हल किए जब्त, कांग्रेस विधायक बोले- सरकार दे वन अधिकार पट्टा

बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी और भद्राकाली के किसानों ने सोमवार को कलेक्टर से मुलाकात कर वन विभाग के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी उन्हें पैतृक भूमि पर खेती करने से रोक रहे हैं। किसानों के अनुसार, ग्राम भद्राकाली प.ह.नं.-20 तहसील भोपालपटनम में स्थित उनकी पैतृक जमीन 1932-33 के राजस्व अभिलेख में दर्ज है। उनके पूर्वज सालों से इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं। लेकिन वन विभाग के अधिकारी इस जमीन को आरक्षित/संरक्षित वन बताकर खेती से रोक रहे हैं। किसानों के औजार किए जब्त वन विभाग के कर्मचारियों ने इस साल खेती के दौरान किसानों के बैल और हल जब्त कर लिए। जोताई और बुवाई का कार्य भी रोक दिया गया। किसानों ने वन रक्षक चलपत गोटा पर बदसलूकी का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल ट्रांसफर की मांग की है। पांच गांवों के किसानों ने सौंपा ज्ञापन भद्राकाली, अटूकपल्ली, रैगुड़ा, तारूड़ और अन्नारम के ग्रामीणों ने विधायक को अलग से ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि वे पिछले 15 सालों से इस वनभूमि पर खेती कर रहे हैं। विधायक ने की वन अधिकार पट्टा देने की मांग विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि खेती किसानी कार्य के दौरान वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों का किसानों के साथ किया जा रहा व्यवहार निंदनीय है। किसानों की मांगों को जायज बताते हुए विधायक ने सरकार से मांग की है कि भाजपा सरकार भद्राकाली क्षेत्र के जितने भी किसान है इनके पैतृक भूमि का सीमांकन किया जाए। साथ ही जो सालों से खेती किसानी कार्य करते हुए अपने परिवार का भरण पोषण करते आ रहे है उन्हें तत्काल वन अधिकार पट्टा दिया जाए।

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