छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में बिलाईगढ़ वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय से मात्र 100 मीटर दूर स्थित सागौन प्लांट में आग लगने से कई हरे पौधे और वनस्पतियां जल गईं। आरोप है कि इस घटना के बावजूद वन विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी। आग लगने से सागौन के कई पेड़ और अन्य वनस्पतियां बुरी तरह झुलस गईं। यह घटना कुछ दिन पहले हुई थी, लेकिन वन विभाग के रेंजर और अन्य कर्मचारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और न ही अपने उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी। वन विभाग के कर्मचारियों के अनुसार, प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सड़क किनारे पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों की ओर से सफाई का कार्य किया जा रहा था। इस दौरान आग लगाकर सफाई करने के कारण आग सागौन प्लांट के अंदर फैल गई, जिससे भारी नुकसान हुआ। बीट गार्ड ने भी नहीं दी सूचना कर्मचारियों ने उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी नहीं दी, जिससे मामला संदेह के घेरे में आ गया है। इस मामले में बीट गार्ड की लापरवाही भी सामने आई है। आरोप है कि आग की लपटें करीब 24 घंटे तक दिखाई देती रहीं, लेकिन कार्यालय के काफी पास होने के बावजूद संबंधित रेंजर और कर्मचारियों ने आग बुझाने का कोई प्रयास नहीं किया। जानिए अधिकारियों ने क्या कहा ? जब इस मामले में वन विभाग की एसडीओ अमिता गुप्ता से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी। वहीं डीएफओ अतुल अग्रवाल ने कहा कि अब तक रेंज कार्यालय से कोई प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हुआ है और रेंजर ने भी घटना की सूचना नहीं दी है। हालांकि, डीएफओ अग्रवाल ने रेंजर से बात कर जानकारी लेने और निश्चित रूप से कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


