वन क्षेत्रों में अपराध रोकने के लिए हर नाके पर 2 एसएलआर व रेंजर-फॉरेस्टर को मिलेगी पिस्टल

भास्कर न्यूज | अलवर जिले में राजस्थान वानिकी एवं वन्यजीव प्रशिक्षण संस्थान की अलवर शाखा में युवाओं को नेचर गाइड का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं को जंगलों और वन्यजीवों के माध्यम से रोजगार प्राप्त करने का मौका मिलेगा। यह घोषणा वन मंत्री संजय शर्मा ने विधानसभा में की। अलवर, धौलपुर, करौली व सवाई माधोपुर जिलों में अक्सर पैंथर या अन्य जंगली जानवरों के आबादी क्षेत्र में आने की घटनाएं सामने आती हैं। इ से देखते हुए जिले में एक रैपिड रिस्पॉन्स टीम के गठन की घोषणा की गई है। इसके लिए 90 लाख रुपए आवंटित किए गए हैं। टीम को एक विशेष वाहन और आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों से लैस किया जाएगा ताकि वन्यजीवों और मानव, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति में जनहानि होने पर अब तक 5 लाख रुपए के मुआवजे का प्रावधान था। सरकार ने इसे बढ़ाकर अब 10 लाख रुपए करने का प्रस्ताव रखा है, जिससे पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। फील्ड स्टाफ को 460 बाइक उपलबध कराएंगे वन अपराधों पर लगाम लगाने के लिए अलवर के क्षेत्रीय वन अधिकारियों और वनपालों को ग्लोव पिस्टल और प्रत्येक नाके पर 2 एसएलआर राइफल उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, फील्ड स्टाफ के लिए बाइकें और रेंज ऑफिसर्स के लिए बोलेरो गाड़ियां दी जाएंगी। इससे गश्त और निगरानी और अधिक प्रभावी हो सकेगी। इसके अलावा फील्ड स्टाफ को वन क्षेत्र में निगरानी के लिए 460 बाइक उपलब्ध कराई जाएगी। हर जिले में दो श्रीराम वाटिका विकसित की जाएगी। एक जिला एक प्रजाति कार्यक्रम के तहत हर जिले में बीज वन स्थापित किया जाएगा।

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