बुरहानपुर के नेपानगर वन क्षेत्र में रविवार को वनकर्मियों और अफसरों ने 8 घंटे का सघन सर्चिंग अभियान चलाया। नेपानगर से नावरा रेंज तक करीब 70 किलोमीटर क्षेत्र में पैदल और वाहनों से गश्त की गई, साथ ही ड्रोन से भी जंगल की निगरानी की गई। इस अभियान में 70 से अधिक वनकर्मी और अधिकारी शामिल थे। यह अभियान नेपानगर और नावरा के जंगलों में बीते सालों में हुए बड़े पैमाने पर अतिक्रमण और अवैध कटाई के मद्देनजर चलाया गया। लगभग ढाई साल पहले जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग ने बाहरी अतिक्रमणकारियों को खदेड़कर एक हजार से अधिक अवैध टपरियां हटाई थीं, जिसके बाद यहां पौधारोपण कराया गया था। तब से वन क्षेत्र में समय-समय पर संयुक्त सर्चिंग और पैदल गश्ती की जाती है। रविवार को सुबह 9 बजे शुरू हुआ यह अभियान शाम 5 बजे तक चला। टीम ने मांडवा, नावर, हीरापुर, डेहरिया, बाकड़ी और नीमसेठी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से होते हुए सर्चिंग की। नेपानगर एसडीओ विक्रम सुलिया ने बताया कि पूरे डिवीजन के स्टाफ ने संयुक्त गश्ती में भाग लिया, जिसमें 10 से 12 वाहन भी शामिल थे। सुलिया ने यह भी बताया कि इन दिनों वन क्षेत्रों में गोंद तस्करों की सक्रियता को देखते हुए जंगल के अंदर तक पैदल सर्चिंग की गई। इस अभियान में नेपानगर, नावरा, असीरगढ़, धूलकोट और बोदरली के स्टाफ ने हिस्सा लिया। नावरा रेंजर पुष्पेंद्र जादौन के अनुसार, अति संवेदनशील वन क्षेत्र में अतिक्रमण की रोकथाम के लिए स्टाफ को फील्ड में प्रशिक्षण भी दिया गया। वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि आगामी दिनों में क्षेत्र में अतिक्रमण बेदखली मुहिम चलाई जाएगी, और इस गश्ती के दौरान उसकी तैयारियों का भी जायजा लिया गया ताकि वास्तविक स्थिति का पता चल सके। इस गश्ती में नेपानगर एसडीओ विक्रम सुलिया, प्रशिक्षु आईएफएस और नेपानगर के प्रभारी रेंजर अजय गुप्ता, असीर रेंजर धर्मेंद्र राठौर, नावरा रेंजर पुष्पेंद्र सिंह जादौन सहित अन्य स्टाफ शामिल रहा।


