वन तस्करों को पकड़ने STF बनेगी:स्निफर डॉग तैनात, टीम अपराध नियंत्रण व क्राइम सीन डिटेक्शन की देगी ट्रेनिंग

छत्तीसगढ़ में वन्यजीव के अपराधियों या वन तस्करों को पकड़ने के लिए पहली बार छह स्निफर डॉग तैनात किए गए हैं। ये प्रदेश के छह टाइगर रिजर्व में रखे गए हैं। इसके अलावा अपराधियों पर नकेल कसने के लिए एसटीएफ बनाने की तैयारी भी की जा रही है। ताकि वन्यजीव तस्करी और अवैध व्यापार पर और अधिक कड़ी कार्रवाई की जा सके। बताया गया है कि राज्य वन विभाग और वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो ने बस्तर, दंतेवाड़ा और जगदलपुर जैसे क्षेत्र में डिटेक्शन डॉग यूनिट स्थापित कर रही है। वहीं राज्य में अपराधियों पर नकेल कसने के लिए केंद्रीय वन्यजीव अपराध नियंत्रण बोर्ड द्वारा वन विभाग के कर्मचारियों को वन्यजीव अपराध नियंत्रण और क्राइम सीन डिटेक्शन की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। दरअसल, पिछले तीन साल में वन्यजीव अपराध से संबंधित 100 से अधिक केस दर्ज किए गए हैं और 150 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई है पर 90 फीसदी मामलों में आरोपी सबूत के अभाव में छूट जाते हैं। इसलिए वन विभाग ने पुलिस की तरह पावर देने की मांग भी की है। अफसरों के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में प्रदेशभर से तेंदुआ, पैंगोलिन, कछुआ और हाथी से जुड़े 35 से ज्यादा मामलों दर्ज ​किए गए हैं। इसमें 40 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। स्निफर डॉग्स सबूत जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे
तेंदुए की खाल, हाथी की दांत, पैंगोलिन के स्केल, कछुए, सरीसृप, और अन्य संरक्षित प्रजातियों के अवयव सूंघ सकते हैं। {जंगलों में छापेमारी के दौरान, डॉग्स ट्रेलिंग करके छिपे हुए सामान और शव ढूंढते हैं। {इनका इस्तेमाल जगदलपुर, बस्तर, सुकमा और अन्य संवेदनशील इलाकों में किया जाएगा। वन्य जीवों के शिकार को रोकना मुख्य उद्देश्य है
एसटीएफ का गठन वन्यजीव अपराध और अवैध वन संसाधन तस्करी को रोकने के लिए किया जाएगा। इससे शिकार और अवैध व्यापार को रोका जा सकेगा। इसका मुख्य उद्देश्य हाथी, बाघ, तेंदुआ, पैंगोलिन जैसी संरक्षित प्रजातियों के शिकार को रोकना है। साथ ही लकड़ी, तेंदू पत्ता, लवंग, जड़ी-बूटी आदि का अवैध परिवहन पकड़ने में मदद मिलेगी। वन्य जीव के अपराधियों को सजा दिलाना प्राथमिकता : अपराधियों को सजा दिलाने के लिए स्निफर डॉग तैनात किए गए हैं साथ ही पुलिस की तरह पॉवर देने की मांग की गई है। इसके तहत कॉल रिकार्ड ​आैर टावर रिकार्ड ि​नकलवाने के साथ ही सूचना तंत्र को मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है।
अरुण कुमार पांडे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *