बूंदी पुलिस ने वन विभाग के कर्मचारियों से मारपीट और राजकार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में फरार आरोपी महावीर को गिरफ्तार किया है। देई थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। इस प्रकरण में महावीर की गिरफ्तारी से पहले चार अन्य आरोपियों को भी पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक बोलेरो गाड़ी को भी जब्त किया है। इससे पहले, अवैध खनन में प्रयुक्त दो जेसीबी मशीनें भी जब्त की गई थीं। जिला पुलिस अधीक्षक बूंदी, राजेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि यह घटना 13 दिसंबर, 2025 को रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में हुई थी। वनरक्षक दिलीप सिंह नरूका (40, निवासी गुदलिया, टोंक) ने देई थाने में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उप वन संरक्षक एवं उप निदेशक कोर आरवीटीआर बूंदी के निर्देश पर और सूचना मिलने के बाद, वनरक्षक दिलीप सिंह नरूका अपनी टीम के साथ जैतपुर पहाड़ी पर पहुंचे थे। उनकी टीम में वनरक्षक रघुवीर सिंह राजावत, कैलाश गुर्जर और होमगार्ड बुद्धिप्रकाश शामिल थे। मौके पर पहुंचने पर टीम ने भारी मात्रा में अवैध खनन होते देखा। वहां दो जेसीबी मशीनें और छह ट्रैक्टर-ट्रॉली पत्थर व झिकरा खोदकर ले जा रहे थे। वन विभाग की टीम ने उन्हें रोका और पूछताछ की। आरोपियों ने बिना किसी स्वीकृति के खनन करना स्वीकार किया, लेकिन दस्तावेज या अपनी पहचान बताने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने टीम के साथ गाली-गलौज और हाथापाई शुरू कर दी। कुछ देर बाद, चार बाइक और एक काले रंग की बोलेरो गाड़ी मौके पर पहुंची। इन वाहनों से लगभग 8-10 लोग हथियार, जिनमें गंडासी भी शामिल थी, लेकर आए थे।


