अमरावती वन विभाग ने जंगलों की सुरक्षा के लिए एक नई पहल शुरू की है। वन विभाग ग्रामीणों को पत्र भेजकर जंगल संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहा है। बारिश का मौसम शुरू होते ही वन क्षेत्रों में अतिक्रमण और अवैध कटाई की गतिविधियां बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए वन विभाग ने यह अभियान शुरू किया है। वन परिक्षेत्र अधिकारी अमरावती प्रतीक वर्मा ने बताया कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण असंतुलन का प्रमुख कारण पेड़ों की अवैध कटाई और भूमि अतिक्रमण है। विभाग ने 17 जून 2025 को बेलगांव और अमरावती परिसर में गश्त के दौरान दो मामले दर्ज किए हैं। पेड़ों की अवैध कटाई में दो मामले दर्ज पहला मामला संजय पिता महादेव के खिलाफ अवैध कटाई का है। दूसरा मामला सोमा पिता कमलू के विरुद्ध अवैध अतिक्रमण का दर्ज किया गया है। वन विभाग ग्रामीणों को पत्र भेजकर समझा रहा है कि जंगल उनके लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। पत्र में संविधान के अनुच्छेदों का हवाला देकर नागरिकों को उनके मौलिक कर्तव्यों की याद दिलाई जा रही है। ग्राम सभाओं में वन अधिकारी बता रहे हैं कि पेड़ों की कटाई से भूमि का क्षरण होता है। साथ ही जैव विविधता को भी नुकसान पहुंचता है। विभाग ग्राम सभाओं से वनों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह कर रहा है।


