भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में मंगलवार को हाई कोर्ट के समक्ष सरकार की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई। सुनवाई के दौरान प्रशासनिक जज विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिविजन बेंच ने शासन से अब तक हुई मौतों की संख्या पूछी। महाधिवक्ता राहुल सेठी ने 16 मौतों की पुष्टि की। शासन की रिपोर्ट में एक मृतक के कारण के आगे ‘वर्बल ऑटोप्सी’ लिखे जाने पर कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने पूछा कि मेडिकल साइंस में वर्बल ऑटोप्सी जैसा कोई शब्द है क्या। शासन ने पांच मौतें दूषित पानी से स्वीकार कीं, जबकि अन्य मामलों में कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। कोर्ट ने डेथ ऑडिट करने वाली कमेटी, उसके गठन और विसरा रिपोर्ट को लेकर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि पूरा शहर डर में है, पानी और मौतों की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित की जाएगी। कोर्ट रूम लाइव


