वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिकी उपराष्ट्रपति बोले- उम्मीद है भारत पाकिस्तान के साथ क्षेत्रीय संघर्ष से बचेगा; पाकिस्तान को जांच में सहयोग की सलाह दी

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर गुरुवार को प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत पाकिस्तान को जवाब देते हुए किसी बड़े क्षेत्रीय संघर्ष से बचेगा। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान से अपील की कि वह भारत के साथ मिलकर इस हमले में शामिल आतंकियों की तलाश और कार्रवाई में सहयोग करे। वेंस ने फॉक्स न्यूज के एक पॉड कास्ट इंटरव्यू में कहा, ‘हमारी उम्मीद है कि भारत इस आतंकी हमले का ऐसा जवाब दे जो किसी बड़े क्षेत्रीय टकराव की वजह न बने। और हमें उम्मीद है कि अगर पाकिस्तान किसी भी तरह से जिम्मेदार है, तो वह भारत के साथ मिलकर उन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा जो कभी-कभी उनकी जमीन से ऑपरेट करते हैं।’ जब ये हमला हुआ, उस वक्त वेंस अपने परिवार के साथ भारत दौरे पर थे। पिछले महीने उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन करके इस हमले की कड़ी निंदा की थी और मारे गए लोगों के लिए गहरी संवेदना जताई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X पर जानकारी दी कि वेंस ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ खड़ा है और आतंकवाद के खिलाफ इस साझा लड़ाई में हर तरह की मदद देने को तैयार है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी आज की अन्य प्रमुख खबरें… मजदूर दिवस पर अमेरिका समेत कई देशों में ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन हुए 1 मई 2025 यानी मजदूर दिवस पर अमेरिका और दुनिया के कई हिस्सों में हजारों लोगों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किए। ये प्रदर्शन ‘50501 मूवमेंट’ के नाम से हुआ, जिसका मतलब है- 50 राज्य, 50 विरोध, 1 आंदोलन। अमेरिका में 1,100 से ज्यादा जगहों पर लोग सड़कों पर उतरे। लोगों ने कहा कि ट्रम्प सरकार मजदूरों के हक, सरकारी कर्मचारियों और समानता की कोशिशों को कमजोर कर रही है। न्यूयॉर्क, लॉस एंजिलिस, शिकागो, फिलाडेल्फिया और वॉशिंगटन डीसी जैसे शहरों में लोग पोस्टर लेकर सड़कों पर निकले, नारे लगाए, ढोल बजाए और झंडे लहराए। लोगों ने कहा कि ट्रम्प की नीतियों से मजदूरों और आम लोगों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने एकजुट होकर सरकार की नीतियों का विरोध किया। शिकागो में प्रदर्शन कर रहे लोग “नो जस्टिस, नो पीस” (न्याय नहीं तो शांति नहीं) चिल्ला रहे थे। फिलाडेल्फिया में सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने सिटी हॉल के बाहर बड़ी भीड़ को संबोधित किया। कुछ लोग सड़कों पर बैठ गए और पोस्टर उठाए जिन पर लिखा था, ‘बिलियनेयर नहीं, वर्कर जरूरी हैं।’ बाद में पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया। चीन बोला- अमेरिका ने ट्रेड बातचीत शुरू करने के संदेश भेजे, हम प्रस्तावों का आकलन कर रहे चीन ने कहा है कि वह अमेरिका की तरफ से ट्रेड बातचीत शुरू करने के प्रस्तावों का फिलहाल आकलन कर रहा है। ये बयान अमेरिका और चीन के बीच चल रहे तनाव के बीच टोन में बदलाव दिखाता है, जो भविष्य में बातचीत के रास्ते खोल सकता है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, अमेरिका ने हाल ही में कई माध्यमों से चीन को संदेश भेजे हैं कि वह ट्रेड बातचीत शुरू करना चाहता है। चीन फिलहाल इन प्रस्तावों पर विचार कर रहा है। यह बयान ऐसे वक्त आया है जब बीजिंग अब तक अमेरिका के ट्रम्प सरकार की टैरिफ नीति पर सख्त और विरोधी रुख अपनाता रहा है। अब इस बयान से चीन के रुख में थोड़ी नरमी नजर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पिछले हफ्ते से बार-बार कह रहे हैं कि उनकी सरकार चीन के अधिकारियों से ट्रेड डील को लेकर बातचीत कर रही है, लेकिन हर बार चीन की तरफ से इसे सिरे से खारिज किया गया है। शुक्रवार को चीन ने दोबारा कहा कि किसी भी बातचीत की शुरुआत से पहले कुछ शर्तें पूरी होनी जरूरी हैं। वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “टैरिफ और ट्रेड वॉर की शुरुआत अमेरिका ने एकतरफा की थी। अगर उसे बातचीत करनी है तो उसे ईमानदारी दिखानी होगी। इसके तहत उसे अपनी गलतियों को स्वीकार करना होगा और टैरिफ बढ़ोतरी जैसे एकतरफा फैसले वापस लेने होंगे। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच भारी व्यापार दांव पर लगा हुआ है। ट्रम्प ने इस महीने की शुरुआत में चीन पर टैरिफ बढ़ाकर 145% कर दिया, जिससे कई चीनी कंपनियों के लिए अमेरिका से व्यापार करना मुश्किल हो गया है। इसके जवाब में चीन ने भी अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर टैरिफ बढ़ाकर 125% कर दिया है।

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