ईरान के सेना कमांडर मेजर जनरल अमीर हातमी ने विदेशी धमकियों के जवाब में सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि अगर ईरान की सेनाएं शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा करेंगी या उन्हें मारेंगी, तो अमेरिका हस्तक्षेप करने के लिए तैयार है। हातमी ने सैन्य अकादमी के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ इस तरह की बढ़ती बयानबाजी को बिना जवाब नहीं छोड़ा जाएगा। फॉक्स न्यूज के अनुसार उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं अब पहले की तुलना में ज्यादा तैयार हैं। अगर कोई दुश्मन गलती करेगा, तो उसका ज्यादा निर्णायक जवाब दिया जाएगा। दरअसल, ईरान में आर्थिक संकट, महंगाई और सरकारी नीतियों के खिलाफ एक सप्ताह से ज्यादा समय से प्रदर्शन चल रहे हैं और देश के कई हिस्सों में फैल चुके हैं। सरकार ने कुछ आर्थिक राहत जैसे नई सब्सिडी की घोषणा की है, लेकिन प्रदर्शन थम नहीं रहे हैं। ईरान इन प्रदर्शनों को आंतरिक मामला मानता है और विदेशी हस्तक्षेप को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बता रहा है। इसके अलावा, ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत अमीर सईद इरावानी ने यूएन महासचिव और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखकर ट्रम्प की टिप्पणियों को गैरकानूनी बताते हुए इसकी निंदा करने की मांग की है। वहीं, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने चेतावनी दी कि अमेरिकी हस्तक्षेप पूरे क्षेत्र में अराजकता पैदा करेगा और अमेरिकी हितों को नष्ट कर देगा।


