अमेरिका की सेना ने सोमवार को पूर्वी प्रशांत महासागर में एक नाव पर हमला किया, जिस पर ड्रग तस्करी करने का शक था। इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई। अमेरिका की साउदर्न कमांड ने इसकी जानकारी दी है। सेना के मुताबिक यह हमला इंटरनेशनल समुद्री सीमा में किया गया और इसमें किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। अमेरिकी साउदर्न कमांड ने सोशल मीडिया पर बताया कि यह कार्रवाई रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के आदेश पर की गई। सेना का कहना है कि जिस नाव को निशाना बनाया गया, वह प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ी हुई थी और ड्रग तस्करी में इस्तेमाल हो रही थी। अमेरिका ने इस हमले को ‘ऑपरेशन साउदर्न स्पीयर’ का हिस्सा बताया है, जिसका मकसद समुद्र के रास्ते होने वाली नशीली दवाओं की तस्करी को रोकना है। अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक इस ऑपरेशन के तहत अब तक ड्रग तस्करी से जुड़ी नावों पर किए गए हमलों में 107 लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका ने इन लोगों को ‘गैरकानूनी लड़ाके’ बताया है और कहा है कि एक सीक्रेट कानूनी फैसले के तहत वह बिना अदालत की इजाजत के ऐसे हमले कर सकता है। इसी वजह से इन कार्रवाइयों पर सवाल भी उठ रहे हैं। इन हमलों को लेकर अमेरिकी संसद के कुछ सदस्य और मानवाधिकार संगठन चिंता जता रहे हैं। उनका कहना है कि बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के लोगों को मारना गंभीर मामला है और इसकी जांच होनी चाहिए। इससे पहले 22 दिसंबर को भी अमेरिका ने इसी इलाके में एक छोटी नाव पर हमला किया था, जिस पर ड्रग तस्करी का आरोप था।


