स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा जारी वर्ल्ड्स टॉप 2% साइंटिस्ट्स की सूची में भोपाल के मौलाना आज़ाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) के 14 फैकल्टी मेंबर को शामिल किया गया है। यह सूची स्कोपस (Scopus) डेटाबेस के आधार पर रिसर्च प्रकाशनों के प्रभाव, सिटेशन इंडिकेटर और ग्लोबल योगदान को ध्यान में रखकर तैयार की जाती है। इस सम्मान ने न केवल फैकल्टी की व्यक्तिगत उपलब्धि को मान्यता दी है बल्कि MANIT को देश के अग्रणी तकनीकी संस्थानों की श्रेणी में और मजबूत स्थान दिलाया है। MANIT के निदेशक प्रो. (डॉ.) करुणेश कुमार शुक्ला ने कहा- यह हमारे संस्थान के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसी प्रतिष्ठित संस्था द्वारा हमारे 14 फैकल्टी मेंबर्स का चयन हमारे यहां की उत्कृष्ट शोध संस्कृति और अकादमिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। यह उपलब्धि वैश्विक चुनौतियों को शोध और नवाचार के माध्यम से हल करने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। प्रो. शुक्ला ने यह भी बताया कि इस सम्मान से संस्थान का मनोबल बढ़ा है और यह हमें भविष्य में और भी बेहतर शोध करने के लिए प्रेरित करेगा। यह उपलब्धि छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी, जो अपने शिक्षकों को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त करते हुए देखेंगे। ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य से जुड़ा शोध और नवाचार का केंद्र इस सूची में शामिल 14 प्रोफेसर इंजीनियरिंग और साइंस की विविध शाखाओं से हैं। उन्होंने अपने शोध से न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी योगदान दिया है। उनका यह योगदान ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य से भी जुड़ता है, जिसमें विज्ञान और प्रौद्योगिकी को विकास की धुरी बनाया गया है। इस सम्मान ने MANIT भोपाल की वैश्विक साख को और ऊंचा किया है। ये 14 फैकल्टी वर्ल्ड के टॉप 2% साइंटिस्ट्स में शामिल- संस्था की विरासत और भविष्य 1960 में स्थापित, MANIT भोपाल भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन ‘राष्ट्रीय महत्व के संस्थान’ (Institute of National Importance) का दर्जा रखता है। यह संस्थान लंबे समय से भारत के शीर्ष इंजीनियरिंग कॉलेजों में गिना जाता है। यहाँ इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, प्लानिंग और साइंस में स्नातक, परास्नातक और डॉक्टरेट स्तर पर शिक्षा और शोध कार्य किए जाते हैं। MANIT प्रबंधन का मानना है कि इस तरह की वैश्विक मान्यता संस्थान की प्रतिष्ठा को और बढ़ाएगी, जिससे यह देश और विदेश के सर्वश्रेष्ठ छात्रों और शोधकर्ताओं को आकर्षित करेगा।


