वर्ष 2025 में 133 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त:50 लाख की साइबर ठगी की रकम वापस करवाई, अपराधियों-संवेदनशील जगहों का तैयार होगा डिजिटल डेटा

प्रतापगढ़ में वर्ष 2025 की पुलिस उपलब्धियों और वर्ष 2026 की आगामी रणनीति पर गुरुवार को एसपी ऑफिस में प्रेसवार्ता हुई। इस दौरान एसपी बी आदित्य ने बताया कि 2025 में पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों और तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई की। पूरे साल में इनसे जुड़े 110 मामले दर्ज किए गए और 199 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 133 करोड़ से ज्यादा का मादक पदार्थ जब्त पूरे साल में 7020 किलो डोडा-चूरा, 13.390 किलो अफीम, 22 किलो 912 ग्राम ब्राउन शुगर, 12.882 किलो एमडी पाउडर, 160 किलो 774 ग्राम गांजा, 256 किलो गांजे के पौधे और लिक्विड एमडीएम समेत बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए। पुलिस ने तस्करों से 6 लाख रुपए नकद, 52 दोपहिया और 33 चारपहिया वाहन भी जब्त किए। जब्त किए गए इन मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत 133 करोड़ 39 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है। ऑपरेशन चक्रव्यूह में 73 आरोपी गिरफ्तार 29 जुलाई से 31 दिसंबर तक चलाए गए अभियान में 56 मामले दर्ज कर 73 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसमें 77 करोड़ 53 लाख रुपए से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ और वाहन जब्त किए गए। मध्यप्रदेश से 53 लोगों को मुक्त कराया ‘ऑपरेशन विश्वास’ के तहत, इंदौर में मजदूरी का झांसा देकर महाराष्ट्र के शोलापुर जिले में बंधक बनाए गए आदिवासी समुदाय के 53 लोगों को मुक्त कराकर सुरक्षित उनके गृह जिले प्रतापगढ़ लाया गया। ‘ऑपरेशन सद्भावना’ में प्रत्येक थाने ने एक-एक विद्यालय गोद लिया। इन विद्यालयों में बच्चों को शिक्षण सामग्री वितरित की गई और नशा मुक्ति तथा साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘ऑपरेशन पंजा’ के तहत, सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने वाले स्टंटबाज बाइकर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। इस दौरान 44 स्पोर्ट्स बाइक जब्त की गईं और 24 स्टंटबाजों को गिरफ्तार किया गया। 50 लाख ठगी की राशि पीड़ितों को लौटाई साइबर अपराधों पर कुल 726 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 2 करोड़ 65 लाख रुपए की ठगी राशि में से 50 लाख रुपए पीड़ितों को वापस दिलाए गए। इसके अलावा, 952 आईएमईआई और 356 मोबाइल नंबर ब्लॉक कराए गए, 494 गुमशुदा मोबाइल पीड़ितों को लौटाए गए। 2026 में तीन बिंदुओं पर होगा काम एसपी ने बताया- वर्ष 2026 में डेटा बेस पॉलिसी के तहत अपराधियों और संवेदनशील क्षेत्रों का डिजिटल डेटा तैयार होगा। टेक्नोलॉजिकल पॉलिसी के माध्यम से पुलिसिंग को और आधुनिक बनाया जाएगा। वहीं आमजन का पुलिस के प्रति नजरिया मजबूत करने के लिए जनसुनवाई और सामुदायिक पुलिसिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। इस दौरान एएसपी गजेंद्र सिंह जोधा और डीएसपी गजेंद्र सिंह राव भी मौजूद थे।

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