गुमला|नगर परिषद के द्वारा जनता को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें वाटर मीटर लगाने के लिए प्रत्येक 3 हजार रुपए जमा करना अनिवार्य किया गया है अन्यथा वाटर कनेक्शन काटने की बात कही गई है। इसे लेकर चेंबर के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी ने डीसी को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें कहा है कि मीटर लगाना नगर परिषद का दायित्व है। जिससे सही समय पर वाटर कर की प्राप्ति हो सके। लेकिन इसके लिए जनता को वाटर मीटर के लिए शुल्क जमा कराना न्यायोचित नहीं है। अभी हाल में ही बिजली विभाग के द्वारा सटीक बिल के लिए नया डिजिटल मीटर हर घर में लगाया गया है। जनता से उसके बदले शुल्क वसूली नहीं की गई। किसी भी विभाग को अपने कार्य प्रणाली में सुधार के लिए जो कार्य करनी है। उसके लिए अपने संसाधन का उपयोग करना चाहिए न की उसका अनावश्यक बोझ जनता पर डालना चाहिए। शहर में वाटर सप्लाई की स्थिति दयनीय हैं। कई-कई दिनों तक पानी की सप्लाई नहीं होती है। होती भी है तो दिन में मात्र एक बार सुबह में होती है वह भी पर्याप्त मात्रा में नही। सर्वप्रथम विभाग को अपने कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता है। सिर्फ वाटर मीटर लगा देने से क्या वाटर सप्लाई सुधर जाएगी। यहां की निरीह जनता किसी तरह अपना जीविका चलाती है। वैसे में वाटर मीटर के नाम पर भारी भरकम वसूली करना गलत है। अतः निवेदन है कि स्वयं संज्ञान लेते हुए इस मामले में हस्तक्षेप करें और बिजली विभाग के तर्ज पर निःशुल्क वाटर मीटर लगवाने की दिशा में कार्रवाई करने की कृपा करें। ताकि इसका बोझ आम जनता को वहन नहीं करना पड़े।


