वाराणसी में पिता-पुत्र और भतीजे की मौत:ट्रैक्टर खरीदकर लौट रहे थे, उसी के नीचे दबे; तड़प-तड़पकर दम तोड़ा

वाराणसी में ट्रैक्टर के नीचे दबने से पिता-पुत्र और भतीजे की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। ट्रैक्टर खरीदने के बाद दर्शन पूजन करने गए थे। डेढ़ बजे रात में घर लौट रहे थे। गांव के बाहर मोड़ पर ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, तीनों लोग ट्रैक्टर के नीचे दब गए। बाइक से गुजर रहे युवक ने खेते के किनारे ट्रैक्टर के नीचे दबे लोगों को देखकर ग्रामीणों को सूचना दी। बड़ागांव थाना क्षेत्र के औसानपुर गांव की है। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर को उठाकर तीनों लोगों को बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल हॉस्पिटल भिजवाया। डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। अब जानिए पूरा घटनाक्रम
औसानपुर गांव निवासी रामदुलार राम उर्फ भोनू (62) ने शुक्रवार को मोहनसराय से एक सेकेंड हैंड ट्रैक्टर खरीदा। ट्रैक्टर को लेकर वह अपने पुत्र मन्नू राम (35) और भतीजे विनोद राम (45) के साथ अदलपुरा स्थित शीतला धाम में दर्शन-पूजन करने गए। ट्रैक्टर रामदुलार चला रहे थे। वापसी में वह हरहुआ चौराहे से पंचक्रोशी मार्ग से आ रहे थे। घर से पहले मोड़ पर ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। किसी तरह से ग्रामीणों को हादसे की जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। ट्रैक्टर आने का इंतजार करता रह गया परिवार
परिजनों ने बताया कि रामदुलार के तीन पुत्र थे, जिनमें से एक की उनके साथ ही मौत हो गई। मन्नू राम के चार पुत्र व एक पुत्री और विनोद के दो पुत्र व दो पुत्रियां हैं। हादसे के बाद दुर्घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी हुई थी। ग्रामीणों का कहना था कि पूरे परिवार की खुशियां धरी की धरी रह गईं। परिजनों ने बताया- ओमप्रकाश उर्फ मंज्जु मजदूरी का काम करता था। जबकि गब्बर उर्फ विनोद ठेकेदारी का काम करता था। रामदुलार राम उर्फ भोनू किसानी का काम करता था। ………………….. ये खबर भी पढ़िए… प्रेमानंद महाराज ने रात की यात्रा का रूट बदला:अब पैदल नहीं, कार से आश्रम जा रहे; महिलाओं ने यात्रा का विरोध किया था संत प्रेमानंद महाराज की रात में निकलने वाली पदयात्रा का रूट, समय और तरीका बदल गया है। प्रेमानंद महाराज शनिवार को अपनी ऑडी कार से केली कुंज आश्रम पहुंचे। पहले रात करीब 2 बजे निकलते थे अब तड़के 4 बजे निकले। बदले रूट से केली कुंज पहुंचे। पढ़िए पूरी खबर

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