वाराणसी में पुलिस ने कोडीनयुक्त कफ सिरप के सरगना और शैली ट्रेडर्स के कर्ताधर्ता शुभम जायसवाल पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित किया है। उसके पार्टनर रोहनिया निवासी महेश सिंह भी अब 25 हजार का इनामी बन गया है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी और नारकोटिक्स एक्ट के तहत दर्ज केस में तलाश जारी है। बुधवार को भी शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी रहीं। आदमपुर के प्रहलाद घाट के कायस्थ टोला निवासी आरोपी शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी को लेकर कमिश्नरेट की एसआईटी, यूपी एसटीएफ और एंटी नारकोटिक्स की टीम ने दबिश दी लेकिन शुभम या उसका कोई गुर्गा हाथ नहीं लगा। वहीं अब शुभम पर इनाम घोषित होने के बाद उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई तेज की जाएगी। शुभम जायसवाल के पार्टनर वरूण सिंह, गौरव जायसवाल, विशाल मल्होत्रा की भी तलाश है। आरोपियों के खिलाफ जल्द ही इनाम बढ़ाया भी जाएगा। वहीं गिरफ्तारी नहीं होने पर इनकी संपत्तियां कुर्क करने के साथ बुलडोजर चलाया जा सकता है। डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि शुभम जायसवाल के आदमपुर स्थित कायस्थ टोला और सिगरा के बादशाहबाग कॉलोनी में मकानों पर दबिश दी और परिजनों को नोटिस जारी किया, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आया। शुभम के खिलाफ इनाम घोषित किया गया है और यदि वह गिरफ्तार नहीं होता है, तो उसकी संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी। एसआईटी के अनुसार खोजवा के रहने वाले दिवेश जायसवाल, अंकुश सिंह, घनश्याम मौर्य समेत अन्य आरोपियों को बहुत जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इनकी लोकेशन ट्रेस कराई जा रही है। शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद को सोनभद्र पुलिस पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है, वह सोनभद्र की जेल में निरुद्ध है। वाराणसी समेत पूर्वांचल में दर्ज हैं केस वाराणसी कमिश्नरेट, सोनभद्र, जौनपुर, चंदौली के अलावा गाजियाबाद में शुभम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। शुभम को दुबई, कोलकाता, दिल्ली, उत्तराखंड में ठिकाना बनाए जाने की चर्चाएं हैं। झारखंड रांची की शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद और शुभम जायसवाल समेत 38 फर्मों के खिलाफ कोतवाली थाने में एनडीपीएस, धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज है। वहीं, रोहनिया भाना क्षेत्र के भदवर स्थित जिम के नीचे गोदाम से बीते 19 नवंबर को बरामद कफ सिरप मामले में मालिक महेश सिंह पर भी 25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। शुभम के पार्टनर जौनपुर निवासी अमित सिंह टाटा और आलोक प्रताप सिंह को एसटीएफ पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। वाराणसी कमिश्नरेट में कफ सिरप मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 9 दिसंबर को बरामद हुई थी 30 हजार कफ सीरप, गोदाम में पेटियां छिपाई थीं वाराणसी समेत पूर्वांचल में फैले कफ सीरप सिंडीकेट पर एक्शन में जुटी एसआईटी ने 9 दिसंबर को कफ सीरप माफिया शुभम जायसवाल के करीबी और बिजनेस पार्टनर मनोज कुमार के गोदाम पर छापा मारकर। लाखों रुपये की कफ सीरप बरामद की थी। गांव में बंद पड़े गोदाम के अंदर इन सीरप के गत्तों को पुराने परिसर में छिपाकर और ढक कर रखा गया था। एसआईटी ने सूजाबाद के इस गोदाम से आजाद जायसवाल की एक गाड़ी बरामद की, कैंपस को सील कर वाहन कब्जे में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, यह कनेक्शन अब सीधे तौर पर शुभम जायसवाल से जुड़ा है, जिससे रैकेट के मुख्य सरगनाओं पर शिकंजा कसने की संभावना है। वाहन की बरामदगी दोनों मामले आपस में जुड़े होने की पुष्टि है। बड़े गोदाम पर छापेमारी में लगभग 30 हजार शीशी कफ सिरप जब्त की गई, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत 60 लाख रुपये है। रामनगर के सूजाबाद इलाके में छापेमारी के दौरान बरामद 3000 शीशी कफ सीरप लगभग 60 लाख रुपये की है, जिसे शुभम पर शिकंजा कसने के बाद छिपा दिया गया था। छापेमारी जिस गोदाम पर की गई, वह शुभम जायसवाल के करीबी माने जाने वाले मनोज कुमार यादव का है। FSDA ने क्या किया? FSDA ने मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन लेवल पर सख्ती बरती। शेल फर्म्स को निशाना बनाया, जो कोडीन सिरप को ‘मेडिकल सप्लाई’ के नाम पर नशे के बाजार में पहुंचा रही थीं। ये नेटवर्क पूर्वी यूपी के वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर, आजमगढ़, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जैसे जिले में सक्रिय था। अकेले वाराणसी में 26 फर्म्स के खिलाफ 15 नवंबर को FIR दर्ज की गई। इसके बाद 12 और फर्म्स पर केस दर्ज किया गया। जौनपुर में दिल्ली बेस्ड वन्या ट्रेडर्स और 3 लोकल फर्म्स पर 2.6 करोड़ के अनियमित ट्रांजैक्शन के लिए कार्रवाई की गई। यहां कुल 18 फर्म्स पर केस दर्ज किया गया। बाकी जिलों में मिलाकर करीब 128 केस अब तक दर्ज हो चुके हैं। FSDA लगातार ड्रग्स सप्लायर्स को नोटिस दे रहा और लाइसेंस निरस्त कर रहा है। ED ने क्या कदम उठाए? ED ने नवंबर, 2025 के अंत में प्रिवेंशन ऑफ मनी लान्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया। क्योंकि, रैकेट का आर्थिक पहलू 500 करोड़ से ऊपर का बताया जा रहा है। ED का फोकस हवाला, शेल कंपनियों के जरिए मनी लान्ड्रिंग और भ्रष्टाचार पर है। ED यूपी के अलावा मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और झारखंड तक की जांच कर रही है। अकेले वाराणसी में 15 सदस्यीय ED टीम सक्रिय है।


