वार्ड-75 में गंदा पानी और ड्रेनेज अब भी बड़ी समस्या:इंदौर में भास्कर टॉक में कांग्रेस पार्षद सोलंकी बोले- निगम साथ दे तो रोडमैप पूरा हो जाएगा

इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है?। इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर शुरू की है खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज तीसरे एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड 75, जहां से पार्षद हैं कांग्रेस के कुणाल सोलंकी। क्या काम पूरे हुए?, क्या बाकी हैं? और जनता 10 में से कितने नंबर देती है। आज के टॉक में जानिए काम का पूरा हिसाब। वार्ड में निरीक्षण के दौरान पार्षद कुणाल सोलंकी ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि उनके वार्ड में सबसे बड़ी समस्या गंदे पानी, सड़क और ड्रेनेज लाइन की है। पढ़िए कुणाल सोलंकी की दैनिक भास्कर से सीधी बातचीत… सवाल: आपके वार्ड के कौन-कौन से काम अधूरे हैं और वह क्यों अधूरे हैं? जवाब: वार्ड में अभी कई काम बचे हुए हैं। यह इसलिए है, क्योंकि नगर निगम कहती कुछ और है और करती कुछ और। कुछ सड़कें और ड्रेनेज ऐसी हैं, जिनके बिल ठेकेदारों के नहीं बने हैं, जिसके कारण हमें परेशानी हो रही है। पेमेंट न होने के कारण ठेकेदार काम छोड़कर चले गए। इसके अलावा, मैं कांग्रेस से पार्षद हूं और वर्तमान विधायक भाजपा के हैं। वे कभी-कभी हमारे काम रोकवाते हैं, ताकि मैं उनका उद्घाटन न कर सकूं। वहीं, भाजपा वाले इवेंट करके दिखा देते हैं कि हम काम कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर वह काम पूरे नहीं होते। इसलिए कुछ काम अभी रुके हुए हैं। सवाल: आपकी जनता, यानी वार्डवासियों की सबसे आम शिकायत क्या है? जवाब: सबसे आम शिकायत स्वच्छता से जुड़ी है, क्योंकि यहां सफाई सही ढंग से नहीं हो पा रही है। इसके बाद ड्रेनेज की भी कई शिकायतें हैं। पुरानी लाइनें बदल नहीं पातीं, जिससे ड्रेनेज में समस्या बनी रहती है। सबसे बड़ी बात यह है कि पूरे इंदौर में नर्मदा योजना लागू है, लेकिन मेरा वार्ड ऐसा है जहां नर्मदा की सुविधा अभी तक नहीं है। अमृत योजना 2 अभी तक नहीं आई है, इसलिए नर्मदा की समस्या यहां बड़ी है। सवाल: आपने अपने वार्ड में क्या नया प्रयोग किया है और उससे क्या बदलाव आया है? जवाब: हमने जो नया प्रयोग किया, वह ट्रैफिक व्यवस्था पर आधारित था। अभी तक लगभग 80% बदलाव आ पाया है। पूरा बदलाव अभी नहीं हो पाया है, क्योंकि कुछ जगह ऐसी हैं, जिन्हें हमने ट्रैफिक मुक्त करने के लिए चिह्नित किया और उन पर काम शुरू किया। कुछ जगहों पर बदलाव हो चुका है, लेकिन कुछ जगहों पर काम अभी भी बाकी है। सवाल: आपके वार्ड में पानी को लेकर किस तरह की शिकायतें हैं? जवाब: पिछले 6 महीनों से हमारे यहां गंदा पानी आ रहा था। बीच में स्थिति काफी खराब थी और अभी भी कुछ इलाकों में गंदा पानी आ रहा है। इसको लेकर मैंने लगातार प्रयास किए और पीएच टेस्ट भी करवाया। कुछ क्षेत्रों में समस्या अभी भी बनी हुई है। सवाल: आपके वार्ड के कौन-कौन से इलाके हैं, जिनमें अभी तक काम नहीं हो पाया है और कारण क्या है? जवाब: कई ऐसे इलाके हैं, जिनमें काम अभी तक नहीं हो पाया है। उदाहरण के लिए, श्रीराम नगर में अभी भी ड्रेनेज का काम अधूरा है। इसके अलावा, आरटीओ मेन रोड, जो कि एक बड़ा मार्ग है, उसका काम भी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे हमारे तीन-चार बड़े इलाके हैं, जिनमें काम अभी भी अधूरा पड़ा है। अपने पार्षद के काम से कितने खुश है आप, हमें बताएं… ये खबर भी पढ़ें… इंदौर के वार्ड-64 में कितना हुआ विकास, कितना बाकी वार्ड में निरीक्षण के दौरान पार्षद मनीष शर्मा ‘मामा’ ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि उनके वार्ड में छोटी-छोटी मूलभूत समस्या हैं। जैसे कि पानी नही आता, ड्रेनेज की समस्या है, किसी की पेंशन नहीं शुरू हुई। पढ़िए पूरी खबर। वार्ड टॉक में आज वार्ड 49 की पड़ताल उदावत ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि उनके वार्ड में सबसे बड़ी समस्या गंदे पानी की है। इसके लिए यहां की तीस-चालीस साल पुरानी पाइप लाइन को भी बदलवाने का प्लान है। हमने वार्ड में ग्रीन बेल्ट का उपयोग करते हुए वॉकिंग ट्रैक बनवाया है। पढ़िए पूरी खबर।

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