पावन वाल्मीकि तीर्थ एक्शन कमेटी ने श्राइन बोर्ड और तीर्थ से जुड़ी समस्याओं को लेकर डीसी साक्षी साहनी को शुक्रवार को एक मांग पत्र सौंपा। कमेटी के अध्यक्ष शशि गिल मैं बताया कि राम तीर्थ रोड स्थित वाल्मीकि तीर्थ में लंबे समय से ठेकेदारी सिस्टम से कर्मचारी रखे जा रहे हैं, मगर बीते 10 साल से कर्मचारियों को तीन-तीन महीने तक और कभी-कभी पांच-पांच महीने बार सैलरी नहीं दी जाती है। एक तो कर्मचारियों की सैलरी बहुत कम है, दूसरा देरी से दी जाती है। तीसरा जब सैलरी दी जाती है, पूरी नहीं दी जाती। इससे इन कर्मचारियों के लिए घर का गुजारा चलाना मुश्किल हो गया है। वह कर्ज में डूब गए हैं। उन्होंने कहा कि जब से ठेकेदार ने 10 साल में एक बार भी उनकी सैलरी नहीं बढ़ाई गई। उन्होंने कहा कि इसलिए कर्मचारियों को या तो सरकारी नौकरी के अनुसार सैलरी दी जाए या श्राइन बोर्ड खुद कर्मचारियों को सैलरी दे। नया साउंड को सिस्टम लगाया जाए। इस मौके पर गिल के साथ कुमार दर्शन और अन्य भी मौजूद थे।


