शिवपुरी जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र के रातिकिरार गांव में वाहन खड़ा करने को लेकर रिश्तेदारों के बीच हुए मामूली विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। इस विवाद में हुई मारपीट में एक महिला और एक मासूम बच्ची सहित कई लोग घायल हो गए। पीड़ित सुनील कुशवाह ने थाने में दो एफआईआर दर्ज कराने के बाद अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है और मारपीट के वीडियो साक्ष्य भी सौंपे हैं। सुनील कुशवाह के अनुसार, यह घटना 12 जनवरी को हुई जब वह अपने परिवार के साथ खाटू श्याम के दर्शन कर लौटे थे। घर के बाहर अपनी चार पहिया गाड़ी खड़ी करते समय पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदारों से उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि जगदीश कुशवाह, उनके बेटे हृदेश, अमरेश, मनोज और अमरेश की पत्नी मनीष कुशवाह ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में सुनील कुशवाह, उनकी पत्नी लीला कुशवाह, साढ़ू भाई मानसिक कुशवाह और 6 वर्षीय बेटी सौम्या कुशवाह घायल हो गए। थाने से लौटे तो फिर से की मारपीट सुनील कुशवाह का आरोप है कि पहली रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद जब वे थाने से लौटे, तो आरोपियों ने दोबारा उनके घर में घुसकर उनसे और उनकी पत्नी से बेरहमी से मारपीट की। इस दूसरी घटना का वीडियो पीड़ित के पास मौजूद है, जिसे उन्होंने एसपी कार्यालय में शिकायत के दौरान पुलिस को सौंपा है। इस मामले में 13 जनवरी को दूसरी एफआईआर की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अमरेश कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, जगदीश, हृदेश और मनोज कुशवाह अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि फरार आरोपी लगातार उन्हें, उनके परिवार और गवाहों को जान से मारने और गांव से बेदखल करने की धमकियां दे रहे हैं। गवाहों को भी वीडियो बनाने और बयान देने पर डराया जा रहा है। इस डर और भय के कारण पीड़ित परिवार पिछले तीन दिनों से गांव छोड़कर कहीं और रहने को मजबूर है। सुनील कुशवाह ने प्रशासन से फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, परिवार व गवाहों की सुरक्षा तथा उनके खिलाफ दर्ज कराई गई कथित झूठी शिकायत की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


