भास्कर न्यूज| अमृतसर निगम अफसरों की तरफ से दफ्तरों को मैनेज करने का सिस्टम मजाक बनकर रह गया है। 7 अक्टूबर को भगवान वाल्मीकि प्रकटोत्सव पर अवकाश वाले दिन निगम दफ्तर खोलने का आदेश जारी कर दिया गया। जब अंदरखाते इसका विरोध शुरू हुआ तो तत्काल आदेश रद्द करने का लैटर जारी करना पड़ा। निगम कमिश्नर दफ्तर की तरफ से अवकाश रद्द करने के आदेश जारी होते ही हर कोई हैरानी में पड़ गया। हर किसी के जुबां पर एक ही शब्द था कि पंजाब सरकार के आदेशों को मानने की बजाए अफसर अपनी मनमानी चला रहे हैं। बता दें कि निगम दफ्तर खोलने के आदेश में लिखा है कि कमिश्नर नगर निगम की तरफ से जारी किए गए आदेशों के अनुसार 7 अक्टूबर को छुट्टी वाले दिन कमिश्नर दफ्तर सिविल विभाग, ओएंडएम, एमटीपी, हेल्थ विभाग व समूह दफ्तर रोजाना की तरह खुले रहेंगे। कमिश्नर की तरफ से जारी किए गए आदेश के अनुसार आप जी को लिखा जाता है कि अपनी व अपने अधीन काम कर रहे अमले की अटेंडेंस यकीनी बनाई जाए। वहीं बाद में लैटर जारी किया गया कि बीते 6 अक्टूबर को जारी किया गया आदेश तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाता है।


