विंटर वैकेशन में हरियाणा के JBT टीचर की पहल:छुटि्टयां मनाने की जगह 60 बच्चों को मुफ्त अंग्रेजी पढ़ा रहे, 7 बार HTET पास कर चुके

हरियाणा में 1 से 15 जनवरी तक विंटर वैकेशन में जहां सभी टीचर छुटि्टयां मना रहे हैं, वहीं एक जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (JBT) टीचर बच्चों को मुफ्त में अंग्रेजी पढ़ा रहे हैं। जींद जिले के काब्रच्छा गांव की चौपाल में उनकी क्लास लगती है। खुद के खर्चे पर उन्होंने बच्चों की पढ़ाई का इंतजाम किया। जिसमें पिछले 6 दिनों में ही उनके पास पढ़ने के लिए 60 बच्चे पहुंच रहे हैं। रोजाना 2 घंटे की क्लास लग रही है। स्कूल की तरह यहां भी रोजाना क्लास शुरू होने से पहले प्रार्थना होती है। राजेश कुमार 7 बार हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) भी पास कर चुके हैं। JBT टीचर की 5 बड़ी बातें 1. घर पर बैठे-बैठे कोचिंग देने के बारे में सोचा JBT टीचर राजेश कुमार ने बताया कि सर्दियों की छुटि्टयों में वह गांव में आए हैं। एक दिन वह घर पर खाली बैठे हुए थे। तभी उनके मन में आया कि क्यों ना गांव के बच्चों को इंग्लिश सिखाई जाए। इससे बच्चों को इंग्लिश का ज्ञान होने के साथ-साथ उनकी इस विषय पर पकड़ भी मजबूत होगी। इसके बाद उन्होंने गांव के पहली से 12वीं कक्षा में पढ़ रहे बच्चों को फ्री में इंग्लिश सिखाने की ठान ली। 2. पढ़ाई में रुचि बनी रहेगी, आगे लाभ मिलेगा राजेश ने कहा कि आम तौर पर ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी इंग्लिश विषय में कुछ कमजोर होते हैं। इंग्लिश विषय के चलते विद्यार्थी पढ़ाई से भी बचने लगते हैं। अगर उन्हें इसके बारे में बताया जाएगा तो वह अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे और उनकी रुचि भी बनी रहेगी। भविष्य में जाकर उन्हें इसका बहुत लाभ मिलेगा। अगर उनकी इंग्लिश विषय पर शुरू से ही पकड़ होगी तो उन्हें आगे जाकर इसके लिए बाहर से कोचिंग लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 3. खुद के खर्चे पर बोर्ड का इंतजाम किया उसने बच्चों को फ्री कोचिंग देने की जानकारी सरपंच और ग्रामीणों को दी। यह सुनकर ग्रामीण उसकी सराहना करने लगे। उन्होंने गांव के सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल से बात की। सरकारी ऑर्डर की वजह से स्कूल में जगह नहीं मिल पाई। इसके बाद उसने अपने खर्चे पर बोर्ड का इंतजाम किया। 4. रोजाना 2 घंटे की लग रही क्लास सरपंच ने कहा कि वह गांव की चौपाल में बच्चों को कोचिंग दे सकता है। इसके बाद उसने गांववालों से संपर्क किया और इंग्लिश विषय की फ्री कोचिंग के बारे में बताया। अब हर रोज सुबह 9:30 से 11:30 तक क्लास लग रही है। 60 के करीब विद्यार्थी इंग्लिश विषय को पढ़ने के लिए आ रहे हैं। 5. शुरू से पढ़ने और पढ़ाने का मन रहा परिजनों की उनसे शिकायत थी कि आज के समय में बच्चे मोबाइल और टीवी की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। हालांकि, मोबाइल और टैब का इस्तेमाल गलत नहीं है। पढ़ाई में वह बेहद जरूरी है। मैं अभी भी पढ़ाई से जुड़ा हुआ हूं। नौकरी के साथ मैं पढ़ाई करता हूं। इंटरनेट से भी मैं खूब जानकारियां हासिल करता हूं। मेरा शुरू से मना था कि मुझे पढ़ना और पढ़ाना है। रिटायर्ड BEO बोले- ऐसे सभी टीचरों को करना चाहिए रिटायर्ड ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (BEO) धर्मबीर श्योकंद ने कहा कि JBT टीचर राजेश कुमार सराहनीय कार्य कर रहे हैं। इस तरह सभी टीचरों को अपने-अपने गांव में समय निकालकर विद्यार्थियों को अलग-अलग विषय की पढ़ाई करवानी चाहिए, ताकि जो विद्यार्थी जिस विषय में कमजोर हो, उसको वो आसानी से कोचिंग लेकर पढ़ सकें।

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