झारखंड में नए डिग्री कॉलेज खोलने को लेकर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और विकास आयुक्त के बीच मतभेद हो गया है। विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि अत्यधिक विश्वविद्यालय और कॉलेज खोलना विभाग की प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि पहले से संचालित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अपग्रेड और मजबूत करना अधिक जरूरी है। वहीं, उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू विकास आयुक्त की इस राय से सहमत नहीं हैं। मंत्री का कहना है कि राज्य में डिग्री कॉलेजों की अभी भी आवश्यकता है और जीईआर (सकल नामांकन अनुपात) बढ़ाने के लिए नए कॉलेज खोले जाना जरूरी है। यदि विभाग और विकास आयुक्त के बीच सहमति नहीं बनती है, तो नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना की प्रक्रिया रुक सकती है। विकास आयुक्त ने कहा कि रांची में नए इंजीनियरिंग कॉलेज की बजाय नॉलेज सिटी विकसित करने पर विचार करना चाहिए। तकनीकी शिक्षा के साथ इनोवेशन और स्टार्ट-अप पर विशेष फोकस किया जाए। 3 जुलाई को नोटिस, 19दिसंबर को कब्जे की दी सूचना मेसर्स जीजीसीईटी की ओर से यूको बैंक धुर्वा शाखा से लोन प्राप्त किया गया था। 29 जनवरी 2025 तक ब्याज सहित 137 करोड़ 81 लाख 40 हजार 451 रुपए की राशि बैंक को देय है। उक्त राशि का भुगतान करने के लिए बैंक शाखा की आेर से 3 जुलाई 2025 को ऋणधारकों को नोटिस दिया गया, लेकिन राशि का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद प्रावधान के अनुसार बैंक की आेर से उधारकर्ताओं की संपत्ति पर 19 दिसंबर 2025 से कब्जा करने की सूचना दी गई है। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा-प्राथमिकता विभाग तय करेगा उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग अपनी प्राथमिकता स्वयं तय करेगा। झारखंड का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) राष्ट्रीय औसत से पीछे है। छात्रों को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में जाने से रोकना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए राज्य में ही डिग्री कॉलेज जरूरी है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि डिग्री कॉलेज खोलने से जुड़ा निर्णय विभागीय स्तर पर ही लिया जाएगा। जीईआर में झारखंड पीछे नहीं रहे, इसके लिए सरकार प्रयास करेगी। वहीं विकास आयुक्त ने झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में इनोवेशन और स्टार्ट-अप सेंटर की स्थापना के लिए आईआईटी मद्रास और किट यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों के मॉडल पर अध्ययन कर रोडमैप तैयार करने का निर्देश भी दिया। क्या है सरकार की बजट घोषणा : चालू वित्तीय वर्ष के बजट में सरकार ने सकल नामांकन अनुपात बढ़ाने के लिए नए डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा की है। इसके तहत देवघर के सारवां, गढ़वा के नगर उंटारी, चतरा के लावालौंग, रांची के लापुंग, बुढ़मू और तमाड़, खूंटी के अड़की व तोरपा, लातेहार के बरवाडीह और रामगढ़ के पतरातु में डिग्री कॉलेज स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा हजारीबाग, पश्चिमी सिंहभूम, दुमका, देवघर, पलामू और गढ़वा जिला मुख्यालय में भी डिग्री कॉलेज खोलने की योजना है। डिग्री कॉलेज को लेकर अब तक की स्थिति : पिछली कैबिनेट बैठक में लातेहार जिले के बालूमाथ में डिग्री कॉलेज निर्माण के लिए 38.82 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। वर्ष 2023 में रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड में 25 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई थी। अक्टूबर 2024 में गिरिडीह जिले के तिसरी और मुसाबनी में भी डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया था। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से उन विधानसभा क्षेत्रों में डिग्री कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, जहां पहले से कोई अंगीभूत कॉलेज नहीं था। इस योजना में कुल 33 नए डिग्री कॉलेज, 14 महिला कॉलेज और 13 मॉडल कॉलेज प्रस्तावित हैं। क्या है झारखंड का जीईआर : सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) उच्च शिक्षा में नामांकित छात्रों के प्रतिशत को दर्शाता है। झारखंड का जीईआर 25 से 26% के बीच है, जबकि राष्ट्रीय औसत लगभग 29ज्ञ है। राज्य में ग्रामीण और आदिवासी आबादी अधिक होने, कॉलेजों की संख्या कम होने, आर्थिक कमजोरियों और ड्रॉप-आउट की समस्या के कारण जीईआर कम बताया जाता है संपत्तियों पर बैंक ने सिंबोलिक पजेशन ले लिया लोन राशि का भुगतान करने में असफल रहे हैं। इस स्थिति के कारण ही बैंक की आेर से मेसर्स जीजीसीईटी की उक्त संपत्तियों पर सिंबोलिक पजेशन लिया गया है। -संदीप कुमार, प्रबंधक, यूको बैंक धुर्वा शाखा चाईबासा का मामला आईआईटी-आईएसएम में केंद्रीय कोयला मंत्री का संबोधन वह सबकुछ जो आपका जानना जरूरी है रामगढ़: पित्त की थैली में पथरी की सर्जरी


