करौली में जिला परिषद साधारण सभा की बैठक शुक्रवार को राजीव गांधी सेवा केंद्र में हुई। इसकी अध्यक्षता जिला प्रमुख शिमला बैरवा ने की। बैठक में विधायक दर्शन सिंह गुर्जर, जिला परिषद सीईओ शिवचरण, जिला अधिकारी और जिला परिषद सदस्य मौजूद रहे। बैठक में पिछली साधारण सभा में उठाई गई शिकायतों और लिए गए निर्णयों की अनुपालना की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय विकास, विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन के साथ-साथ आमजन से जुड़ी समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। नादौती क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य रामसिंह ने रसद विभाग से संबंधित ऑनलाइन केवाईसी प्रक्रिया में आ रही समस्याओं को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि डीलर उपभोक्ताओं को धमका रहे हैं। रामसिंह ने खाद्य सुरक्षा योजना के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण की मांग भी की। सदस्यों ने इस बात पर आपत्ति जताई कि एक सदस्य का केवाईसी न होने पर पूरे परिवार का नाम खाद्य सुरक्षा योजना से हटा दिया जाता है। उन्होंने इसमें सुधार के लिए सामूहिक प्रस्ताव पारित करने की मांग की। पिछली बैठक में सीएमएचओ की अनुपस्थिति पर सदन ने नाराजगी व्यक्त की। उन्हें निर्देश दिए गए कि अगली बैठकों में वे स्वयं या अपना प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से भेजें। विधायक दर्शन सिंह गुर्जर ने आरोप लगाया कि कोरोना काल में प्राप्त आवश्यक चिकित्सा उपकरण अभी तक उपयोग में नहीं लाए गए हैं। उन्होंने नादौती क्षेत्र के लिए विधायक कोष से उपलब्ध कराई गई एंबुलेंस के गैरेज में खड़े रहने का मुद्दा भी उठाया। बैठक में अन्य कई शिकायतें भी सामने आईं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में दवाइयों के छिड़काव में लापरवाही, हिंडौन में बिना सक्षम चिकित्सकों के निजी अस्पतालों का संचालन, कटकड़ सीएचसी को 24 घंटे खोलने की मांग, पशु चिकित्सालयों में पानी की कमी और छाबर गांव में स्वीकृत नलकूप के संचालित न होने जैसे मुद्दे शामिल थे।


