इंदौर में वर्ष 2047 के मद्देनजर जिला, शहर और विधानसभा स्तर पर भी विजन डॉक्यूमेंट तैयार होंगे। यह विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने में नागरिकों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। नागरिकों के सुझाव लेने के लिए जन संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस कड़ी में पहला जन संवाद कार्यक्रम सोमवार को रविंद्र नाट्य गृह में हुआ है। जन संवाद कार्यक्रम में मेयर पुष्यमित्र भार्गव, कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा, स्मार्ट सिटी के सीईओ दिव्यांक सिंह, एमपीआईडीसी के कार्यकारी डायरेक्टर राजेश राठौर सहित इंदौर नगर निगम के एमआईसी सदस्य, पार्षद, शहर के प्रबुद्ध जन, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। मध्य प्रदेश सरकार भारत के साथ-साथ मध्य प्रदेश को भी विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश 2047 विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है। विचारों और प्राथमिकताओं को शामिल करेंगे
कार्यक्रम के माध्यम से प्राप्त हुई नागरिकों की आकांक्षाओं, विचारों और प्राथमिकताओं को विजन डॉक्यूमेंट में शामिल किया जाएगा। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि वर्ष 2047 तक अपना देश विकसित देशों की श्रेणी में अग्रणी रूप से शामिल हो। इस सपने को साकार करने के प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा- इंदौर भी इस विकास यात्रा में पीछे नहीं है। उन्होंने कहा कि इंदौर विकसित होगा तो प्रदेश विकसित होगा। प्रदेश विकसित होगा तो देश भी विकसित बनेगा। हम इंदौर को तेजी से विकसित इंदौर की ओर आगे लेकर जा रहे हैं। इस विकास यात्रा में सभी प्रबुद्ध जनों का सहयोग और सुझाव आमंत्रित हैं। प्रबुद्धजनों ने दिए सुझाव
कार्यक्रम में शहर के विभिन्न प्रबुद्धजनों अपने-अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। संचालन स्मार्ट सिटी के सीईओ दिव्यांक सिंह ने किया। जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से फीडबैक संकलित कर राज्य स्तर पर भेजा जाएगा। इस तैयार किए जा रहे विकसित मध्य प्रदेश 2047 के विजन डॉक्यूमेंट के प्रारुप को जिलों के साथ साझा किया जाएगा। इस प्रारूप के आधार पर प्रत्येक जिला मध्य प्रदेश के समग्र विजन के साथ अपना डॉक्यूमेंट तैयार कर सकेगा। यह प्रक्रिया जिलों की विशेषताओं, प्राथमिकताओं और संभावनाओं को शामिल करते हुए समग्र और समावेशी विकास सुनिश्चित करेगी।


