विजयवर्गीय बोले-मैं 1-नंबर विधायक…भाजपा नेताओं की रस्साकशी में कौन जीता?:मंच पर फूटा धीरेंद्र शास्त्री की हंसी का फव्वारा

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे दैनिक भास्कर ऐप पर मिलेगा। बच्ची के सवाल पर कथा पंडाल में गूंजे ठहाके
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों शिवपुरी में कथा कर रहे हैं। इस दौरान एक बच्ची ने उनसे ऐसा सवाल पूछ लिया, जिसे सुनकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हंसी का फव्वारा फूट पड़ा। कथा पंडाल में भी जमकर ठहाके लगे। भूमिका नाम की बच्ची ने उनसे कहा कि जिस तरह से लोग आपको देखने के लिए तरसते हैं, मुझे भी कुछ ऐसा ही बनने का आशीर्वाद दे दीजिए कि लोग मुझे भी देखने के लिए तरसे। बच्ची की बात सुनने के बाद पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने उसे मंच पर बुलाया। धीरेंद्र शास्त्री ने बच्ची को मन लगाकर पढ़ाई करने और भगवान का भजन करने की सलाह दी। इधर, पंडित धीरेंद्र शास्त्री का भक्तों से मिलने का अनूठा अंदाज भी खूब सुर्खियों में हैं। मंच पर हो या रास्ते से गुजरता उनका काफिला, धीरेंद्र शास्त्री लोगों का अभिवादन तो करते ही हैं, साथ ही कुछ ऐसा भी करते हैं, मानो वे डांट रहे हो और चिढ़ा रहे हो। भाजपा संगठन के लोगों से हारे सत्ताधारी नेता
कटनी में सांसद खेल महोत्सव के दौरान रोचक नजारा दिखा। यहां भाजपा के सत्ताधारी नेता और संगठन के पदाधिकारियों के बीच रस्साकशी का खेल हुआ। एक तरफ केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन, खजुराहो सांसद वीडी शर्मा, मंत्री दिलीप अहिरवार, विधायक संजय पाठक और अन्य जनप्रतिनिधि थे। जबकि दूसरी ओर संगठन से जुड़े नेता। एक-दूसरे को मात देने के लिए काफी देर तक जोर-आजमाइश चलती रही। आखिरकार संगठन के लोग भारी पड़े। उन्होंने सत्ताधारी नेताओं को अपनी ओर खींचकर खेल जीत लिया। अब लोग चुटकी ले रहे हैं कि भाजपा की राजनीति भी कुछ इसी तरह की है। सत्ता में बैठे लोग, जनप्रतिनिधि कितने भी ऊंचाई हासिल कर ले, उनकी डोर तो संगठन के हाथों में ही होती है। सत्ता को संगठन से समन्वय बनाकर चलना ही पड़ता है। विजयवर्गीय ने बताया कि वे एक नंबर के विधायक हैं
इंदौर में यूनिटी मार्च के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने खुद का भी स्वागत कर लिया। हुआ यूं कि अपने संबोधन के दौरान कैलाश विजयवर्गीय मंच पर बैठे सीएम, मंत्री, विधायक और संगठन के नेताओं के नाम ले रहे थे। तभी उन्होंने ने कहा- हमारे सभी विधायक, नंबर एक से.. फिर कहा- एक नंबर से तो मैं खुद विधायक हूं। इसके बाद उन्होंने एक-एक कर सभी विधायकों के नाम लिए। इसे लेकर लोगों में चर्चा हैं कि विजयवर्गीय ने बड़ी ही चतुराई से बता दिया कि वे एक नंबर से विधायक हैं और एक नंबर के भी विधायक हैं। मंच पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और सीएम डॉ. मोहन यादव के बीच लगातार गुफ्तगू होते भी देखी गई। लोग इसके भी अलग ही मायने तलाश रहे हैं। वैसे यूनिटी मार्च में इंदौर भाजपा के करीब-करीब सभी नेता नजर आए। लोग कह रहे हैं कि चलो तस्वीरों में तो भाजपा एकजुट नजर आई। कैबिनेट में खटपट, विपक्ष को मिला घेराबंदी का मौका
कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों के बीच हुई खटपट की खबर ने विपक्ष को बैठे-बिठाए सरकार को घेरने का मौका दे दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सीएम मोहन यादव जी का नियंत्रण मंत्रियों पर नहीं है। मंत्रियों का आपसी मतभेद मध्य प्रदेश का नुकसान कर रहा है। दरअसल, मंगलवार को कैबिनेट बैठक में जीएसटी कलेक्शन कम होने के मामले में मंत्रियों ने वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा को घेर लिया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उनसे पूछा कि जब देश में जीएसटी कलेक्शन बढ़ रहा है तो मध्य प्रदेश में क्यों घटा? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर अलग से बात हो सकती है। तभी मंत्री प्रहलाद पटेल बोले- नगरीय विकास मंत्री को बोलने देना चाहिए। इसके बाद सवाल और जवाबों का सिलसिला करीब 5-7 मिनट तक चला। इस मामले को विपक्ष ने अलग ही रंग देने की कोशिश की। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि मंत्रियों का एक समूह बना है, जिसका नेतृत्व शिवराज सिंह चौहान कर रहे हैं। इस समूह का काम है मध्य प्रदेश के सीएम को अस्थिर करना। वो दिल्ली में, संघ में रोज शिकायतें करते हैं। बीजेपी के अंदर बुराई करते हैं। बात खरी है सीरीज की ये कड़ी भी पढ़ें… नींद में मास्टर जी.. नशे में धुत हेडमास्टर; कांग्रेस नेता ने रोका सीएम का भाषण, सामने खड़े हो गए भोपाल में पंचायती राज पर आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन के मौके पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने जैसे ही बोलना शुरू किया तो कांग्रेस समर्थित राजगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सौंधिया ने उन्हें टोक दिया। वे अपनी जगह खड़े हो गए और कहा कि पंचायत का चुनाव हुए 3 साल हो गए, लेकिन उन्हें अब तक उनके अधिकार नहीं दिए गए। सब कुछ अधिकारियों के कंट्रोल में हैं। पूरी खबर पढ़ें..

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