विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार को विजय दशमी पर्व पर परंपरा अनुसार ध्वज बदला गया। तहसील कार्यालय की ओर से मंदिर के मुख्य शिखर पर नया ध्वज आरोहित किया गया। ध्वज आरोहण से पहले मंदिर परिसर स्थित श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा में ध्वज का पूजन किया गया। सुबह आरती के बाद अखाड़ा के महंत विनीत गिरी महाराज ने यह पूजन संपन्न कराया। यह परंपरा प्रतिवर्ष विजय दशमी के अवसर पर निभाई जाती है, जिसमें शासकीय ध्वज मंदिर के शिखर पर फहराया जाता है। पूजन के बाद भगवान महाकाल के जयघोष के साथ ध्वज को मुख्य शिखर पर आरोहित किया गया। पर्व के अवसर पर शाम चार बजे मंदिर के सभा मंडप में पूजन के बाद बाबा महाकाल की सवारी निकलेगी। यह सवारी फ्रीगंज स्थित दशहरा मैदान पर शमी पूजन के लिए पहुंचेगी। इसी दिन संध्या पूजन के बाद भगवान महाकाल को नए वस्त्र धारण कराए जाएंगे। भक्त भगवान महाकाल के होल्कर मुखारविंद स्वरूप में दर्शन कर सकेंगे।


